कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन
- चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय व भारतीय प्रज्ञान प्रवाह के संयुक्त तत्वाधान में शहीदों को दी श्रद्धांजलि


मेरठ। कारगिल की जंग में भारत को मिली सफलता को 22 साल हो गए हैं। भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का प्रतीक कारगिल विजय दिवस के रूप में हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है। साल 1999 में कारगिल युद्ध में देश के वीर-जवानों ने पाकिस्तान को धूल चटा दी थी। कारगिल विजय दिवस के मौके पर देशवासी अपने प्राणों की आहुति देकर भारत माता की रक्षा करने वाले वीर जवानों को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धाजंलि देते है। कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य शौर्य और वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान के करीब 3 हजार सैनिकों को मार गिराया था। यह युद्ध 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया था। यह बात आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव की श्रंख्ला में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय व भारतीय प्रज्ञान प्रवाह(प्रज्ञा प्रवाह) मेरठ प्रांत के संयुक्त तत्वाधान में विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो0 बीरपाल सिंह ने कही।
कार्यक्रम के अध्यक्ष्ता कर रही चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति प्रो0 वाई विमला ने कहा कि इस युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों को कई बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तानी सैनिक ऊंची पहाड़ियों पर थे और हमारे वीर-जवानों को रात भर में चढ़ाई कर पहुंचना था। यह युद्ध 60 दिनों तक चला था और आखिर में पाकिस्तान को मुंह के बल गिरना पड़ा था। वीर जवानों कारण ही आज हम चैन की नींद ले पाते हैं। उनको जितनी बार नमन किया जाए उतना कम है। इस दौरान कार्यक्रम की संयोजक प्रो0 आराधना गुप्ता, सह संयोजक डाॅ0 अलका तिवारी , कुलसचिव धीरेंद्र वर्मा प्रो0 नवीन चंद्र लोहानी, प्रो0 जयमाला, प्रो0 बिंदु शर्मा, डाॅ0 जमाल अहमद सिददकी, डाॅ0 पूणिमा वशिष्ठ, डाॅ0 शालिनी, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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