मेरठ,15 जून 2021। कोरोना संक्रमण को मात देने के बाद कई महीने बाद भी लोग थकान, सिर दर्द और अन्य परेशानियों से जूझ रहे हैं। सबसे आम शिकायत थकान और भूख न लगने की है। इसके अलावा मानसिक अस्वस्थता भी लोगों को परेशान कर रही है। जिला अस्पताल व लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में ऐसे मरीज काफी संख्या में उपचार के लिए आ रहे हैं। चिकित्सक उन्हें प्रोट्रीन युक्त पदार्थ लेने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे रोगियों को इससे बचने का उपाय भी बताया जा रहा है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा ज्ञानेन्द्र कुमार का कहना है कि दूसरी लहर के आंकड़ों को देखकर अंदाजा लगाएं तो लांग कोविड से जूझ रहे लोगों की संख्या बहुत अधिक है। यह पहले से तनावग्रस्त हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर बोझ बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि यह देखने में आ रहा है कि 65 फीसद पोस्ट कोविड मरीजों में यह शिकायत आ रही है। उनमें कम से कम एक लक्षण कायम है। रिकवर होने के बाद भी ऐसे लोगों पर एक साल तक निगरानी रखना जरूरी है। लांग कोविड से जूझ रहे लोगों को मल्टीडिसीप्लिनरी और मल्टीकेयर अप्रोच से ही ठीक किया जा सकता है। देखा गया है कि कुछ लोगों में मल्टी आर्गन इफेक्ट भी हुआ है, जिसमें शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा है। मेडिकल कालेज में आये ऐसे मरीजों को उन्हें हो रही परेशानियों से बाहर निकलने के तरीके बताए जा रहे हैं, जिसका काफी असर दिखने को मिला है। क्या होता है पोस्ट लांग कोविड यह लक्षण कुछ हफ्तों या महीनों बाद तक भी रह सकते हैं यानि भले ही शरीर से वायरस निकल गया हो, उसके लक्षण खत्म नहीं होते। कुछ लक्षण ऐसे हैं जो जाते नहीं, बल्कि बने रहते हैं। वहीं कुछ लक्षण ऐसे हैं जो थोड़े-थोड़े दिन में फिर दिखते हैं। ज्यादातर मरीजों में कोविड निगेटिव आना बताता है कि माइक्रो बायोलाजिकल तौर पर शरीर ने रिकवर कर लिया है, पर क्लीनिकल लक्षण खत्म नहीं हुए हैं। इस आधार पर लांग कोविड को हम शरीर से वायरस के खत्म होने से लक्षण खत्म होने तक लगने वाला समय कह सकते हैं। यह हो सकते हैं लक्षण कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों में थकान सबसे आम लक्षण है। खांसी, सांस लेने में परेशानी, धड़कन तेज होना, सिर दर्द अन्य लक्षण हैं। यह हल्के, मामूली या गंभीर लक्षणों वाले मरीजों को हो सकता है। हाई प्रोट्रीन डाइट लें एलएलआरएम के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर,मेडिकल कोविड ट्रीटमेंट प्रभारी डा. अरविंद कुमार ने बताया पोस्ट लांग कोविड से जूझ रहे ऐसे लोगों के लिये हाई प्रोट्रीन डाइट ज्यादा बेहतर साबित हो सकती है। इसमें दूध, पनीर,उबला हुआ अंडा, हरी सब्जी, ताजा फल आदि को अपने आहार में शामिल करें। नारियल पानी, नींबू पानी, पेय पदार्थ ज्यादा लें। इसके अलावा साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान दें। इसके अतिरिक्त किडनी, लिवर, बीपी, शुगर और दिल के मरीज ज्यादा संभलकर रहें। समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क करें।
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