एसएसपी के आदेश पर थाने में मुकदमा दर्ज
मेरठ। धर्मांतरण गिरोह के तार चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के अंदर भी काफीगहरे तरीके से फैले हुए हैं। जेल के भीतर हत्या के आरोप में बंद खरखौदा निवासी उस्मान ने मऊखास गांव के एक अन्य आरोपी का धर्मांतरण करवाया। दोनों ही हत्या के आरोप में जेल में बंद थे। जेल के भीतर धर्मांतरण की बात को जेल अधीक्षक बीडी पांडे सिरे से नकार रहे हैं।
लेकिन खुद उस्मान ने यह स्वीकार किया उसने जेल के अंदर बंद आरोपी का धर्मांतरण करवाया और उसको पैरोल पर जेल से बाहर निकलने में मदद भी की। इस बात को लेकर मेरठ से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया है। जेल में धर्मांतरण करने के बाद पैरोल पर बाहर आए हत्यारोपित के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बता दें मुंडाली थाने के मऊखास गांव निवासी एक व्यक्ति ने गांव के ही रतनलाल की हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप वह पिछले चार साल से जेल में था। जेल में बंद आरोपी की मुलाकात खरखौदा निवासी उस्मान से हुई। उस्मान भी हत्या के मामले में जेल में है। उसने पुलिस को बताया कि 2018 में उस्मान ने जेल में उसका धर्मांतरण कराकर उसे ताहिर बना दिया था। कोरोना के चलते ग्रामीण को पैरोल पर भेज दिया गया। पैरोल पर आया मऊखास में ही मां के साथ रहने लगा। घर पर पांच वक्त की नमाज अदा करता था। इस दौरान उसने गांव के अन्य लोगों को भी धर्मांतरण कराने के लिए प्रेरित किया। तभी गांव के लोगों ने उसका विरोध किया। गांव के श्याम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धर्मातरण के लिए लोगों को प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया।
इनका कहना है :-
मऊखास के लोगों को धर्मांतरण करने के लिए प्रेरित करने वाले आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ किठौर को दी गई है। ताकि पता चल सके कि उस्मान जेल के अंदर किस उद्देश्य से गया है। साथ ही आरोपित का पैरोल निरस्त कराकर उसे दोबारा जेल भेजा जाएगा।
प्रभाकर चौधरी-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ,मेरठ।
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