नवनीत कालरा को हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स की जमाखोरी के मामले में आरोपित नवनीत कालरा को फिलहाल कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस एम सुब्रमण्यम प्रसाद ने इस मामले पर अगली सुनवाई 18 मई को करने का आदेश दिया। इसके पहले 13 मई को दिल्ली के साकेत कोर्ट ने नवनीत कालरा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। 
सुनवाई शुरू होते ही एएसजी एसवी राजू ने मामले की सुनवाई 18 मई तक के लिए टालने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई नई बातें सामने आई हैं। इसमें फर्जी कंपनियों का भी मामला है। इस पर नवनीत कालरा की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अंतरिम जमानत देने की मांग की। सिंघवी ने कहा कि अभियोजन को किसी भी तरह से आरोप सिद्ध करना नहीं होता है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि अग्रिम जमानत निरर्थक हो जाए। 
सिंघवी ने कहा कि दिल्ली पुलिस कालरा के रिश्तेदारों के घर पर भी जा रही है। इस पर राजू ने कहा कि इस मामले पर कल रात में सुनवाई हुई। इस अग्रिम जमानत में ऐसा क्या है। इस पर सिंघवी ने एतराज जताते हुए कहा कि कोर्ट का दायरा बड़ा होता है। मजिस्ट्रेट भी रविवार को सुनवाई करते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी रविवार को बैठी है। उन्होंने कहा कि ये प्रताड़ना का मामला है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम और धारा 420 पर हमारा फोकस है। 

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