कहा जाति-धर्म से ऊपर उठकर गरीब-जरूरतमंदों की करें मदद
मेरठ । कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कोरोना प्रोटोकोल का पालन करते हुए हापुड़ रोड स्थित ज़ुबैदा मस्जिद में ईद की नमाज अदा कराई। नमाज़ से पहले उन्होंने ऑनलाइन तकरीर की। कहा कि आज कोरोना से जो कुछ हालात बिगड़े हुए हैं। ऐसे में इंसान होने की हैसियत से हर किसी की मदद के लिए आगे आना चाहिए। धर्म पूछ कर किसी की मदद करना गलत और इस्लाम की तालीमात (आदर्शों) के खिलाफ है। उन्होंने इज़राइल इस वक़्त जो फिलिस्तीनियों पर जुल्म कर रहा है। यह बहुत निंदनीय है। हमारी भारतीय सरकार ने आजादी के बाद से आज तक हमेशा फिलिस्तीन की हिमायत और इजराइल की मुखालफत की है। इसीलिए हम इजराइल के हमले की निंदा करते हैं। ऑनलाइन तकरीर में उन्होंने कहा कि आज सब से ज़्यादा तकलीफ़देह बात यह है कि हम इन हालात में भी हम कब्रिस्तानों को खानदानी और बिरादरीवाद में बांटे हुए हैं। उन्होंने मुसलामानों से अपील की है कि इस आपदा में कब्रिस्तान को हर किसी के लिए आम करें। बिना बिरादरी पूछे मुर्दे को दफन किया जाए। इसी तरह इजराइल इस वक़्त जो फिलिस्तीनियों पर ज़ुल्म कर रहा है यह बहुत निंदनीय है। कहा कि हमारी भारतीय सरकार ने आजादी के बाद से आज तक हमेशा फिलिस्तीन की हिमायत और इजराइल की मुखालफत की है। इसीलिए हम इजराइल के हमले की निंदा करते हैं और सारे देशों, खासतौर से भारत से अपील करते हैं कि वह इसके खिलाफ बयान जारी करें। कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि कोरोना एक भयावह रूप ले चुका है। इस बीमारी को हल्का समझ कर अपनी और दूसरों की जान को आफत में ना डालें। नौजवान बेवजह सड़कों पर ना निकलें। स्टंट्स ना करें। साफ-सफाई का ख्याल रखें। नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन और कोरोना के खात्मे के लिए दुआ हुई।
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