जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ की गयी अभद्रता
मामले जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचा
मेरठ। जिले में कोरोना वायरस के बढते संक्रमण से प्रशासन की ओर से बनाए गये कोविड अस्पतालों की पौ बारह हो रही है। मुनाफा कमाने के लिये कागजों में खेल कर रहे है। बागपत रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल केएमसी में जांच को पहुंचे प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आरोप है कि हॉस्पिटल ने रिपोर्ट नहीं दी। मौखिक तौर से बताया कि 250 बेड की अनुमति है। 188 मरीज भर्ती हैं। आरोप है कि टीम के साथ अभद्रता भी हुई। उन्हें कोविड मरीजों का रिकॉर्ड नहीं दिया। न ही कोई अन्य जानकारी दी। पूरे मामले में अधिकारियों ने डीएम को रिपोर्ट भेजी है। उधर, अस्पताल के चेयरमैन ने बताया कि प्रशासन उत्पीडऩ कर रहा है।
एसीएम सुनीता सिंह और डिविजनल सर्विलांस ऑफिसर डॉ. अशोक तालियान सभी कोविड अस्पतालों के भौतिक सत्यापन पर थे। वास्तविकता देखने के लिए वह बागपत रोड पर एक बड़े अस्पताल में पहुंचे। डॉ. तालियान के अनुसार हॉस्पिटल के स्टाफ ने उनसे अभद्रता की। कोविड मरीजों या वहां भर्ती अन्य मरीजों के संबंध में कोई रिकॉर्ड देने से इनकार कर दिया। डॉ. तालियान ने बताया कि इस मामले में डीएम को रिपोर्ट दी गई है। डीएम के आदेश पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस बाबत अभी पुलिस में कोई शिकायत नहीं की गई है।
अस्पताल का उत्पीडऩ हो रहा
जांच के नाम पर अस्पताल का उत्पीडऩ हो रहा है। शुक्रवार को तीन बार जांच की गई। शनिवार को फिर टीम पहुंच गई। सीधे-सीधे उत्पीडऩ किया जा रहा है। जांच कराई जाए या मरीजों का इलाज करें। डीएम से शिकायत की गई है
. डा.सुनील गुप्ता, चेयरमैन, केएमसी।
रिपोर्ट मिली है, कार्रवाई होगी
अधिकारियों की रिपोर्ट मिली है। उधर, अस्पताल ने अपना भी पत्र दिया है। दोनों के आधार पर कार्रवाई होगी।
. के.बालाजी, डीएम
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