आरोपियों को पकडने के लिये पुलिस के साथ बांउसरों व गार्ड ने किया आरोपियों का किया छूडाने का प्रयास
 पुलिस ने दो आरोप समेत सुभारती के 8 बांउसरों व गार्ड केा किया गिरफ्तार

मेरठ। एक ओर सरकार व स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामारी में संक्रमितों मरीजों को बचाने के लिये रात दिन एक किये हुए है। लेकिन कुछ अस्पताल मानवीय को भूलकर इस मौके पर धन एकत्र करने मे लगे है। जानी पुलिस व सर्विलांस पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह को भंडाफोड किया है। जो मरीजो के नाम पर आने वाले रेमेडिसिविर इंजेक्शन को मरीज का न लगा कर उन्हें इंजेक्शन के पर डिस्टिल वाटर का इंजेक्शन दिया जा रहा था। जब कि इंजेक्शन बाहर लोगों को 25 हजार रूपये में बेचा जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने सुभारती मेडिकल कालेज के दो स्टॉफ को रेमडेसिविर इंजेक्शन व नकदी के साथ गिरफ्तार किया है। जबकि आरोपियों को पकडने के लिये टीम के साथ अर्भद्र व्यवहार करने के मामले में सुभारती मेडिकल कालेज के ६ गार्ड व बांउसरों को गिरफ्तार किया गया है।



 एसपी देहात केशव कुमार ने बताया जनपद मेरठ में विगत कुछ दिनों से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि जनपद के कई मेडिकल कालेज-प्राइवेट चिकित्सालयो द्वारा कर्मचारियों द्वारा मिलीभगत करके मरीजों के नाम के आए रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक करके बेच जा रहा है । इस सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी द्वारा सर्विलांस सैल की टीम एवं थाना देहली गेट व थाना जानी पुलिस टीम का गठन करके इनके विरूद्ध अभियान चलाया गया । पिछले सात दिनो से सुभारती कालेज से रमेडेसिविर इंजेक्शन खरीदने की बात पुलिस एवं अस्पताल कर्मचारियो की बात चल रही थी, जिसमें पुलिस कर्मचारियों द्वारा आबिद नाम के व्यक्ति से 32000 रूपये में सौदेबाजी हो रही थी जो 2500० रूपये पर तय हो गयी थी ।
 इस सूचना पर पुलिस टीम द्वारा समय करीब रात का साढे नौ  बजे रात्रि सुभारती हॉस्पिटल पहुंचे तो सुभारती मेडिकल कालेज के कोविड वार्ड-नर्सिग कर्मचारी द्वारा सुभारती कालेज के मुख्य गेट पर इंजेक्शन देने के लिए बुलाया गया । जिन्होने 25000 रूपये नगद लेकर एक रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राइवेट कपड़ो में तैनात पुलिस कर्मचारियो को बेच दिया । जब और इंजेक्शन की मांग की गयी तो उपरोक्त कर्मचारियो द्वारा तीन इंजेक्शन अगले दिन देने का विश्वास दिलाया गया । इस सौदेबाजी के दौरान सुभारती मेडिकल कालेज के उक्त कर्मचारियो को कुछ शक हुआ तो वे वहां से भागकर आईसीयू में जाकर छिप गये, किन्तु पुलिस टीम द्वारा उनको वहां से पकड़ लिया गया । इस बीच वहां मौजूद सुभारती कालेज के गार्ड व बाउंसरो द्वारा पुलिस को घेरने की कोशिश की और गेट बंद कर दिया गया, किन्तु इस दौरान थाना देहली गेट, जानी व सर्विलांस सैल टीम द्वारा सरकारी कार्य में बाधा डालने पर मौके से 6 बांउसर-गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया जिसके सम्बन्ध में थाना जानी पर अभियोग पंजीकृत किया गया है । अभियुक्तों के पास से 25000 रूपये नगद व एक इंजेक्शन रेमडेसिविर की बरामदगी हुई है ।
अभियुक्तगण ने पूछताछ में बताया कि यह इंजेक्शन दिनांक 22 अप्रैल  को कविनगर जनपद गाजियाबाद के निवासी शोभित जैन पुत्र विजय जैन को अलॉट किया गया था । लेकिन कल शोभित जैन की मृत्यु हो जाने के बाद उन्होंने यह इंजेक्शन 25000 रूपये में बेचना तय कर दिया था ।
 ज्ञात हुआ कि कुछ कर्मचारियो द्वारा इस तरह से उक्त जीवनदायी इंजेक्शन मरीजों के ना लगाकर धन कमाने के लालच में ज्यादा पैसे देने वाले मरीजो व उसके परिजनो को बेच देते हैं जबकि उक्त इंजेक्शन का एमआरपी 2450 रुपए लिखा है ।
 इनकी हुई गिरफ्तारी
अंकित शर्मा पुत्र अमरेश कुमार निवासी ग्राम मल्लाहपुर थाना रोहटा जनपद मेरठ ;नर्सिंग स्टाफ
आबिद खान पुत्र जुल्फिकार निवासी ग्राम सिसौला कला थाना जानी जनपद मेरठ नर्सिंग स्टाफ
 रहीश पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी ग्राम लखवाया थाना कंकरखेडा जनपद मेरठ गार्ड-बांउसर
 गौरव कुमार पुत्र महीपाल निवासी ग्राम चरला थाना फलावदा जनपद मेरठ ;गार्ड-बांउसर
् अमित कुमार पुत्र जगवीर निवासी ग्राम बहादुरपुर थाना परतापुर मेरठ गार्ड-बांउसर
रोहित कुमार पुत्र सतवीर सिंह निवासी ग्राम हजूराबाद गढी थाना सिधावली अहीर जनपद बागपत गार्ड-बांउसर
 महेन्द्र सिंह पुत्र रतन सिंह निवासी ग्राम चीलक थाना शिकारपुर जनपद बुलन्दशहर गार्ड-बांउसर
् अनिल कुमार पुत्र रामप्रकाश निवासी ग्राम उलेढा थाना गुलावठी जनपद बुलन्दशहर -गार्ड-बांउसर
बरामदगी का विवरण:
 एक रेमडेसिविर इंजेक्शन
 रूपये 25 हजार नगद
 फोटो एस १ ,एस २
  प्रशासन सुभारती पर शिंकजा कसने में जुटा
 सुभारती मेडिकल कालेज में रेडमिसिवर इंक्जेशन मोटे दामों पर वहां के स्टॉफ द्वारा बेचे जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। यह बहुत ही गंभीर मामला है। प्रशासन स्तर पर इस मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सुभारती प्रशासन की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। जब सर्विलांस टीम ने दो वहां के स्टॉफ को रंगे हाथो इंजेक्शन व नकदी के साथ गिरफ्तार कर लिया था। तो वहां के बांउसरों व गार्ड ने पुलिस व सर्विलांस द्वारा पक डे गये देानो आरोपियों को छूडाने को प्रयास क्यों किया। इससे सुभारती कटघरे में खडा होता नजर आ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा अखिलेश मोहन का कहना है।
 अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई
   इस मामले में सुभारती के संस्थापक डा अतुल कृष्ण ने इस मामले में दुख प्रकट किया है। उनका कहना है जिन स्टॉफ ने यह हरकत की है। उसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। वह अपने स्तर पर ऐसे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाएंगे। 

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