एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन
 

मेरठ। कनोहर लाल स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में अंग्रेजी विभाग द्वारा एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. किरण प्रदीप द्वारा मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में चौधरी चरण सिंह विवि के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर विकास शर्मा जी उपस्थित रहे।
 इस अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रोफ़ेसर विकास शर्मा ने कहा कि रोमांटिकवाद एक कलात्मक, साहित्यिक और बौद्धिक आंदोलन था जो 18 वीं शताब्दी के अंत में यूरोप में पैदा हुआ था। रोमांटिक काल के लिए विभिन्न तिथियां दी गई हैं, लेकिन यह 1798 में विलियम वर्ड्सवर्थ के गीतकार के प्रकाशन की शुरूआत के रूप में लिया गया है,और 1837 में क्वीन विक्टोरिया के ताज के अंत के रूप में जाना जाता है। रोमांटिकवाद बाद में अंग्रेजी बोलने वाली दुनिया के अन्य हिस्सों में फैला। एक व्यापक अर्थ में सौंदर्यशास्त्र आधुनिकता, जो अब उभर रही है मुख्य रूप से व्यक्तिगत सांस्कृतिक या साहित्यिक रचनाओं और प्रचलित सामाजिक वास्तविकता के संघर्ष से परिभाषित की जाती है। साहित्यिक संस्कृति अब खुद को प्रमुख सामाजिक वर्ग और विचारधारा की अभिव्यक्ति के रूप में नहीं देखती है, बल्कि मुख्य रूप से इसके निर्णायक प्रतिद्वंद्वी या इसके मौलिक विकल्प के रूप में।प्रकृति और परिदृश्य अंग्रेजी  कवियों से बहुत निकटता से जुड़े हुए हैं, क्योंकि वे विशेष रूप से लंदन, महानगर, अलगाव और अवधारणात्मक विनाश के प्रतीक के रूप में अनुभव करते हैं।अनेको  छात्राओं ने प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्राचार्या डॉ किरण प्रदीप ने अंग्रेजी भाषा के महत्व को  समझाते हुए कहा कि अंग्रेजी वर्तमान समय की आवश्यकता है। व्याख्यान की सार्थकता को समझाते हुए उन्होंने अंग्रेजी भाषा की प्रयोग एवं सही उच्चारण की चर्चा की।  इस मौके पर शिवानी, वर्षा, मानसी, सरिता भारती, अनु, श्रुति, आकाशी, आशा, खुशी, वर्षा आदि का सहयोग रहा ।

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