मेरठ।गांवों की सरकार के लिए ग्राम पंचायत चुनाव का आरक्षण घोषित हो गया है। निराश हुए भावी उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन ग्रामीणों के बीच तालमेल बनाने के लिए कशमकश शुरू हो गई है।
प्रधान पदों से हटाए गए भावी दावेदार फिर से प्रधान पद के लिए दावेदारी जताने में लग गए है। दोबारा गांव के मोहल्लों गलियों में जगह-जगह ग्रामीणों की चौपाल लगाकर सलाह मशवरा शुरू हो गया है। आरक्षण में बदलाव के बाद गांव के सूरमा अपनी-अपनी जुगत में लग गए हैं। ग्रामीण बताते हैं कि पुराने आरक्षण पर दम भरने वाले कई उम्मीदवार बने लोग नए आरक्षण के बाद तैयारी कर रहे प्रत्याशियों के लिए सिरदर्द पैदा कर रहे हैं। ग्रामीण कहते हैं कि कुछ गांवों में पुराना आरक्षण पिछड़ा वर्ग के लिए था, अब नए आरक्षण में कई गांव पंचायतें सामान्य व कई पंचायतें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई। मवाना ब्लाक के कई गांवों में पुराने आरक्षण के अनुसार पिछड़ा वर्ग के लोग तैयारी कर रहे थे, अब वे मैदान में अपने समर्थकों को चुनाव लड़ाने की जुगत में हैं, यह सब नए प्रत्याशियों के लिए परेशानी का सबब बने सकते हैं।
उधर, मवाना ब्लाक क्षेत्र के गांव नगला कांटर, अमरोली उर्फ बड़ागांव, बातनौर, नंगला हरेरू आदि उम्मीदवारों ने सामूहिक कार्यक्रम जैसे जागरण शादी, सगाई के बहाने दावतों का दौर शुरू कर दिया है। खुफिया विभाग के अनुसार प्रधान पद के उम्मीदवार अपने घरों पर दोपहर में चाय पकौड़ी और दिन ढलते ही शाम को ग्रामीणों की इच्छानुरूप दावतें करने में लग गए हैं। दिन ढलते ही गांव में जगह-जगह महफिलों में ग्रामीणों की भीड़ नजर आ रही है।


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