न हों लाचार, टीबी का करें पूरा उपचार


सरकारी स्तर पर टीबी का किया जाता है मुफ्त इलाज :  डा. जैन


टीबी से डरें नहीं, न ही टीबी को छिपाएं

 

नोएडा, 23 मार्च 2021।  क्षय रोग (टीबी) लाइलाज बीमारी नहीं है। सही समय से और पूरा उपचार कराने पर इस बीमारी का मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है, लेकिन टीबी के मरीज को नियमित रूप से दवा खानी चाहिये, बीच में दवा नहीं छोड़नी चाहिये यानि आधा अधूरा इलाज मरीज के लिए घातक हो सकता है। यह कहना है जिला क्षय रोग अधिकारी डा. शिरीष जैनका। डा. जैन ने कहा कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में जन सहयोग जरूरी है, इस लिए यदि किसी को अपने आस-पास ऐसा व्यक्ति नजर आता है, जिसमें टीबी या टीबी जैसे लक्षण हैं तो उसे तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र पर लाकर उसकी जांच जरूर कराएं। उन्होंने बताया बुधवार (24 मार्च) को विश्व क्षय रोग दिवस है, इस अवसर पर जनपदभर में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
डा. जैन ने बताया  टीबी वैक्टीरिया जनित बीमारी है। लगातार उपचार के बाद यह पूरी तरह ठीक हो जाती है। टीबी से डरें नहीं, न ही टीबी को छिपाएं। अन्य बीमारियों की तरह ही इसका भी जितना जल्दी इलाज शुरू होगा, नतीजे भी उतने ही बेहतर आएंगे। ध्यान रखना है कि टीबी की दवा बीच में नहीं छोड़नी है। कई बार थोड़ा आराम आने पर लोग दवा खाना छोड़ देते हैं। ऐसा करना खतरनांक हो सकता है। बीच में इलाज छोड़ने से टीबी बिगड़ जाती है। साधारण टीबी छह माह के उपचार से ठीक हो जाती है जबकि बिगड़ी हुई टीबी का इलाज लम्बा चलता है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से टीबी के मरीजों के उपचार और जांच की निशुल्क व्यवस्था है। यह सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं-
जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि वैसे तो कोई भी बीमारी कमजोर इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) के कारण हो सकती है, लेकिन टीबी उन लोगों को जल्दी है होती है जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि यह बैक्टीरिया जनित बीमारी है, लेकिन वैक्टीरिया पहुंचने पर जरूरी नहीं कि हर किसी को टीबी हो जाए। यह निर्भर करता है कि व्यक्ति की इम्युनिटी पावर कैसी है। कमजोर इम्युनिटी वाले (डायविटीज और एचआईवी जैसी बीमारी से ग्रसित) मरीजों को टीबी होने का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए ऐसे लोगों को एहतियात बरतना जरूरी है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि मास्क जरूर पहनें यह कोरोना के साथ-साथ टीबी से भी बचाता है।
विश्व क्षय रोग दिवस पर होंगे कई कार्यक्रम
डा. जैन ने बताया बुधवार (24 मार्च) को विश्व क्षय रोग दिवस पर सेक्टर 30 नोएडा स्थित जिला अस्पताल में टीबी को लेकर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में ही मानव श्रंखला बनाई जाएगी। जनपद में टीबी की सात यूनिट- नोएडा, दादरी, दनकौर कासना, ममूरा भंगेत बिसरख में चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इसके अलावा सूरजपुर स्थित 49 पीएसी वाहिनी में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें जवानों को टीबी के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी की ओर से बुधवार को शारदा मेडिकल कालेज में सभी चिकित्सकों का टीबी को लेकर संवेदीकरण किया जाएगा।
टीबी के लक्षण
दो हफ्ते से ज्यादा खांसी रहना, शाम को बुखार आना, रात में पसीना आना, वजन का कम होना आदि टीबी के लक्षण हो सकते हैं।

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