पुलिस ने बताई थी आत्महत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं हुई पुष्टि
पुलिस ने आत्महत्या केलिए उकसाने के आरोप में पत्नी को किया था नामजद
 

गाजियाबाद
पुलिस के खेल भी निराले हैं। पत्नी और बच्चों से शराब के नशे में मारपीट करने के आरोप में हवालात में बंद किए गए शमशेर नाम के अधेड़ की मौत के मामले को आत्महत्या करार देने वाली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उसकी पत्नी को नामजद तो कर दिया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तो गले पर कोई निशान आया है और ही इस बाद की पुष्टि हो पाई है कि शमशेर की मौत फांसी लगने से हुई है। एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मौत का कारण स्पष्ट होने के कारण बिसरा सुरक्षित रखा गया है। यानी पीएम रिपोर्ट ने पुलिस को थ्योरी को सिरे से नकार दिया है। 
बता दें कि शमशेर के परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। दूसरी ओर विजयनगर थाना पुलिस का कहना था कि शराब के नशे में शमशेर को लाकर हवालात में बंद कर दिया गया था। उसने अपनी कमीज निकालकर हवालात की ग्रिल में बांधी और गले में फंदा डालकर झूल गया। थाने में तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे देखा तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शमशेर को जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों का कहना है कि शमशेर अस्पताल पहुंचने से पहले ही मर चुका था।
मामला बुधवार देर शाम का है। शमशेर शराब के नशे में घर पहुंचा था। आरोप है कि शराब के नशे में उसने अपनी पत्नी और बच्चों से मारपीट की थी। पत्नी ने 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को बुलाया था। पत्नी की शिकायत पर पीआरवी उसे विजयनगर थाने ले गई। जहां उसे हवालात में बंद कर दिया गया था। 

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