रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, खड़गे की हुंकार- ज्ञानेश कुमार को छोड़ेंगे नहीं; मोदी को जाना होगा
SIR और कथित वोट चोरी के विरोध में INDIA ब्लॉक की रैली, 19 विपक्षी दलों के नेता मंच पर जुटे; राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी ने भी साधा निशाना
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक ने शक्ति प्रदर्शन किया। रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जाना होगा, हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं। मोदी को हटाना होगा, तभी लोकतंत्र बचेगा।
खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। अब वे तय कर रहे हैं कि किसे वोट देने का अधिकार मिले। उन्होंने केंद्र के साथ बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि ये सब चोरी की सरकारें हैं और इन्हें सत्ता से बाहर करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ईडी और सीबीआई लगा ले, विपक्ष डरने वाला नहीं है।
राहुल-अखिलेश समेत 19 दलों के नेता जुटे
रैली में राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव समेत 19 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। इससे पहले विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो जंक्शन से शुरू हुआ, जो करीब तीन बजे रामलीला मैदान पहुंचा। पिछले 25 दिनों में विपक्ष इस मुद्दे पर सातवीं बार एकजुट हुआ है। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच छह बार प्रदर्शन किए गए थे।
अखिलेश बोले- काशी की जनता ने भाजपा को डबल जीरो दिया
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि रामलीला मैदान से लोकतंत्र को बचाने की आवाज उठ रही है। गठबंधन के सभी साथी एकजुट होकर लोकतंत्र को कमजोर करने वालों के खिलाफ खड़े हुए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से वोट कटने के मुद्दे पर भाजपा को घेरा। अखिलेश ने दावा किया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करीब 31 हजार वोट कम हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब जमीन ही नहीं बची तो अंगद का पैर कहां रखोगे। काशी की जनता ने उन्हें डबल जीरो दिया है।
तेजस्वी ने ज्ञानेश कुमार को जेल भेजने की मांग की
राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में कहा कि रामलीला मैदान में आमतौर पर रामलीला होती है, लेकिन आज वोट चोरों के खिलाफ महाभारत का आयोजन करना पड़ रहा है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जेल भेजने की मांग की। वहीं, माकपा महासचिव एमए बेबी ने इसे देश का दूसरा आजादी आंदोलन बताते हुए कहा कि वोट चोरी करने वालों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना है।
अधीर रंजन बोले- भाजपा के जाने का समय तय
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली में ऐसी भीड़ पहले कभी नहीं देखी। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में जनभावनाओं की यह लहर भाजपा के सत्ता से बाहर होने का संकेत है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि छात्र, किसान और आम लोग INDIA ब्लॉक के साथ हैं। भाजपा इस आंदोलन से डर गई है और विपक्ष लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रखेगा।
रैली में कथित तौर पर मताधिकार छीनने के विरोध में कुछ प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक रूप से कटी उंगलियों की माला भी पहनी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिन लोगों के बुनियादी अधिकार प्रभावित हुए हैं, वे उनके समर्थन में मैदान में पहुंचे हैं।


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