मेरठ के सोतीगंज में छिपे थे जम्मू के गटारू गैंग के तीन शार्प शूटर, एसटीएफ ने दबोचा
गैंगवार में लीडर सुमित जंडियाल की हत्या के बाद ढाई महीने पहले किराये पर लिया था कमरा, छात्र बताकर मकान मालिक को दिया था झांसा
मेरठ। जम्मू में गैंगवार के बाद फरार चल रहे गटारू गैंग के तीन शार्प शूटर मेरठ के सोतीगंज में छिपे मिले। सोमवार शाम जम्मू पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सोतीगंज के होली चौक मोहल्ले में छापेमारी कर तीनों को हिरासत में ले लिया। तीनों आरोपी एक मुस्लिम परिवार के मकान में किराये पर रह रहे थे। उन्होंने मकान मालिक को खुद को जम्मू से पढ़ाई करने के लिए मेरठ आया छात्र बताया था। फिलहाल एसटीएफ और जम्मू पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही हैं।
दरअसल, जम्मू में गटारू और खौफ गैंग के बीच लंबे समय से गैंगवार चल रही है। इसी रंजिश में 21 जनवरी 2025 को खौफ गैंग के बदमाशों ने जम्मू के ज्वेल चौक पर दिनदहाड़े गटारू गैंग के सरगना सुमित जंडियाल उर्फ गटारू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जम्मू पुलिस ने खौफ गैंग के 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें दो बाल अपचारी भी शामिल थे।
गैंग लीडर की हत्या के बाद गटारू गैंग के सदस्यों में भगदड़ मच गई थी। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए गैंग के कई सदस्य जम्मू छोड़कर दूसरे राज्यों में जा छिपे। जम्मू पुलिस लगातार इन फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान खुफिया एजेंसी को इनपुट मिला कि गैंग के तीन शार्प शूटर मेरठ के सोतीगंज इलाके में ठिकाना बनाए हुए हैं। सूचना की पुष्टि के बाद जम्मू पुलिस ने यूपी एसटीएफ से संपर्क किया।
सोमवार शाम एसटीएफ मेरठ यूनिट और जम्मू पुलिस की संयुक्त टीम ने होली चौक स्थित एक मकान पर छापा मारा। यहां से तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। टीम ने उनके कमरे की तलाशी लेने के साथ मकान मालिक से भी जानकारी जुटाई। एसटीएफ मेरठ यूनिट के एसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि जम्मू पुलिस मेरठ आई थी और गटारू गैंग के तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
छात्र बनकर लिया था कमरा, आधार कार्ड भी दिखाए
सूत्रों के मुताबिक, तीनों युवकों ने करीब ढाई महीने पहले एक प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से मकान में कमरा किराये पर लिया था। मकान मालिक को तीनों ने अपने आधार कार्ड भी दिखाए थे। पूछने पर बताया था कि वे जम्मू से मेरठ पढ़ाई करने आए हैं। इसी आधार पर उन्हें कमरा किराये पर दे दिया गया। मकान मालिक के अनुसार, इससे पहले तीनों बाईपास स्थित सुभारती अस्पताल के पास एक छात्रावास में रह रहे थे। वहां खाने-पीने की परेशानी होने की बात कहकर उन्होंने दूसरी जगह कमरा लिया था। मकान मालिक को उनके किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का अंदेशा नहीं था। पुलिस तीनों को अपने साथ ले गई है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड व मेरठ में छिपने के मकसद की पड़ताल कर रही है।


No comments:
Post a Comment