होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा फैसला, भारत समेत चार देशों के जहाजों को आवाजाही की छूट

चीन, इराक और कतर को भी मिली राहत, भारतीय जहाजों को बिना रोक-टोक गुजरने की अनुमति; समुद्री हमलों में 15 भारतीय नाविकों की मौत के बाद लिया गया फैसला

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारत को बड़ी राहत दी है। ईरान ने भारत समेत चार देशों के वाणिज्यिक जहाजों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट देने का ऐलान किया है। अब भारत, चीन, इराक और कतर के जहाज इस समुद्री रास्ते से आवाजाही कर सकेंगे। ईरान के इस फैसले को भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में जहाजों पर हो रहे हमलों में कई भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है।

ईरान ने किन चार देशों को दी छूट?

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात मोगादम ने मंगलवार को ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (ISNA) को दिए इंटरव्यू में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत, चीन, इराक और कतर को फिलहाल होर्मुज से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दी गई है। उनके मुताबिक, इन देशों के जहाजों को बिना रोक-टोक आने-जाने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला कुछ विशेष परिस्थितियों और आपसी हितों को ध्यान में रखकर किया गया है।

भारत से दवाओं की जरूरत, चीन से राजनीतिक समर्थन

ईरानी अधिकारी के अनुसार, भारतीय जहाजों को छूट देने के पीछे भारत से दवाओं का आयात सुनिश्चित करना प्रमुख वजह है। वहीं चीन को राहत देने का उद्देश्य बीजिंग का राजनीतिक समर्थन हासिल करना बताया गया है। इराक और कतर को छूट देने के पीछे भी आपसी हितों को ध्यान में रखा गया है।

हमलों में 15 भारतीय नाविकों की मौत

होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हमलों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 15 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है। सोमवार को ओमान के लिमाह के पास वाणिज्यिक जहाज एमएसवी अल जुसुफी पर हुए हमले में भी एक भारतीय नाविक की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद समुद्री मार्ग पर भारतीय जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर हो गया है।

दुनिया की 20 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति का रास्ता

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है। सामान्य परिस्थितियों में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यहां से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी खेप दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचती है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की पाबंदी का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

भारत ने समुद्री हमलों पर जताई चिंता

भारत ने इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों को बेहद चिंताजनक बताया है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने की अपील कर रहा है। भारत का जोर है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए।

ईरान की ओर से चार देशों को दी गई छूट के ऐलान से समुद्री व्यापार को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस छूट की व्यावहारिक शर्तें और इसके क्रियान्वयन की स्थिति पर भी नजर रहेगी।

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