ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का मार्च, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे विपक्षी सांसद
राहुल गांधी और खड़गे की अगुवाई में बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े नेता, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग; विपक्ष ने लगाए ‘वोट चोरी’ के आरोप
कांग्रेस की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के नेताओं और सांसदों का विरोध मार्च सोमवार को जारी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में विपक्षी सांसद बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े। विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिका दाखिल कर अपनी शिकायतों पर न्यायिक सुनवाई की मांग करेंगे।वही कांग्रेसी की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
मार्च में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव, संजय राउत, अरविंद सावंत, महुआ मोइत्रा और महुआ माझी सहित कई विपक्षी नेता शामिल रहे। इससे पहले सभी नेता कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में एकत्र हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।
‘लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई’
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि विपक्ष की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट उनकी शिकायतों पर सुनवाई करे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर अवैध और असंवैधानिक कार्य करने के आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। पायलट ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपनी बात रखना चाहता है।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों तथा युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
राहुल बोले- मार्च में कोई भी शामिल हो सकता है
मार्च से पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के प्रदर्शन को शिवजी की बारात जैसा बताया और कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त से बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके संदेश आते हैं और वह विपक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी देख रहे हैं।
इससे पहले रविवार को विपक्षी सांसदों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ से जुड़े उनके आरोपों की सुनवाई होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश को लेकर दी स्थिति स्पष्ट
सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया कि याचिका दाखिल करने के लिए वकील के माध्यम से या स्वयं पक्षकार के रूप में रजिस्ट्री में आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रवेश पास बनवाना होगा। याचिका दाखिल करने के लिए सीमित संख्या में पास जारी किए जाते हैं।
अदालत परिसर को प्रदर्शन स्थल नहीं बताया गया। साथ ही कहा गया कि यदि कोई संगठन बड़ी संख्या में प्रवेश कर हंगामा करने का प्रयास करता है, तो सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बल बाहरी क्षेत्र में मौजूद हैं।
इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को न्यायालय के समक्ष उठाएंगे।
हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोप विपक्ष के दावे हैं। इन आरोपों पर न्यायिक निर्णय होना बाकी है।


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