सेरेब्रल पाल्सी पुनर्वास में नवाचार और उद्यमिता पर कार्यशाला
सेरेब्रल पाल्सी पुनर्वास में नवाचार और उद्यमिता पर कार्यशाला
आईआईएमटी विवि में विद्यार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक पुनर्वास तकनीकों की दी जानकारी, परिवार की भागीदारी को बताया अहम
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (एलाइड हेल्थ साइंसेज) के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से ‘सेरेब्रल पाल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात) की देखभाल और पुनर्वास में नवाचार एवं उद्यमिता’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों की देखभाल, प्रारंभिक हस्तक्षेप, आधुनिक पुनर्वास तकनीकों तथा स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं से परिचित कराना रहा।
कार्यशाला की रिसोर्स पर्सन डॉ. इंची लोनियल (पीटी), सार्थक एन्किंडलिंग होप्स रिहैबिलिटेशन सेंटर, मेरठ ने सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों की देखभाल, प्रारंभिक हस्तक्षेप और पुनर्वास के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बाल-केंद्रित चिकित्सीय दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि समय पर बीमारी की पहचान, उचित चिकित्सीय हस्तक्षेप और परिवार की सक्रिय भागीदारी बच्चे के विकास एवं पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यशाला के दौरान व्यावहारिक प्रदर्शन और इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को पुनर्वास की आधुनिक एवं उपयोगी तकनीकों से अवगत कराया गया। विशेषज्ञ ने बताया कि फिजियोथेरेपी और पुनर्वास के क्षेत्र में लगातार नई तकनीकें और उपचार पद्धतियां विकसित हो रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए तकनीकी दक्षता के साथ नवाचार की समझ भी जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में उद्यमिता के अवसरों पर चर्चा
कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ते नवाचार एवं उद्यमिता के महत्व पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी, पुनर्वास केंद्रों, सहायक स्वास्थ्य सेवाओं और नई तकनीकों के माध्यम से स्वरोजगार एवं नए कार्यक्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान डॉ. इंची लोनियल द्वारा लिखित दो पुस्तकों का भी प्रस्तुतीकरण किया गया।
कार्यक्रम में डीन डॉ. मुकेश कुमार, डीन को-करीकुलर अफेयर्स एवं इवेंट्स डॉ. लखविंदर सिंह, एचओडी डॉ. गुरप्रीत कौर सहित विभाग की डॉ. मधु यादव, डॉ. जयलक्ष्मी, डॉ. हंसा चौधरी और डॉ. मीनू मोटला समेत अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
समापन पर फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से अतिथियों, रिसोर्स पर्सन, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला ने प्रतिभागियों को ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, नवाचार और मानवीय दृष्टिकोण के समन्वय से सेरेब्रल पाल्सी पुनर्वास के प्रति अधिक संवेदनशील एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर दिया।


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