अंकिता को न्याय दिलाने के लिए इंडिया गेट पर धरने पर बैठे माता-पिता, राहुल-प्रियंका ने की मुलाकात
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध; सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग
नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर पीड़िता के माता-पिता बुधवार को दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने धरनास्थल पर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर जताई नाराजगी
अंकिता के माता-पिता भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने से नाराज हैं। परिवार की मांग है कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिजनों ने राष्ट्रपति से भी इस संबंध में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
मां ने कहा- न्याय मिलने तक जारी रहेगा धरना
अंकिता की मां ने कहा कि बेटी को न्याय मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने भी राष्ट्रपति से अपील की कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच चाहता है।
2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों की जांच की मांग के बीच मामला एक बार फिर चर्चा में है।
राजनीतिक हलकों में भी तेज हुई हलचल
अंकिता के परिवार के धरने के बाद कांग्रेस ने भी दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल और प्रियंका गांधी की मुलाकात के साथ इस मामले में न्याय, निष्पक्ष जांच और नियुक्ति पर रोक की मांग फिर सामने आई है। हालांकि, कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही परखा जाना है।


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