विश्व खाद्य दिवस पर वेंक्टेश्वरा में 300 से अधिक किसानों का सम्मान

महिला किसानों के योगदान को सराहा, अन्न की बर्बादी रोकने और हर जरूरतमंद तक भोजन पहुंचाने का लिया संकल्प

मेरठ। विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं किसान सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम ‘कृषि में महिला सशक्तीकरण, सुरक्षित भोजन एवं समृद्ध भविष्य’ पर आयोजित कार्यक्रम में 300 से अधिक प्रगतिशील किसानों, विशेषकर महिला किसानों को शॉल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील महिला किसान हितेश चौधरी और सुरेंद्र त्यागी को भी विशेष सम्मान दिया गया।


विश्वविद्यालय के डॉ. सीवी रमन सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, जिला उद्यान अधिकारी अवनीश श्रीवास्तव, कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी डॉ. एके मिश्र, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनोज तोमर, कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे और प्रतिकुलपति डॉ. मानस रंजन सहित अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्य वक्ता जिला उद्यान अधिकारी अवनीश श्रीवास्तव ने कहा कि दुनिया में खाद्यान्न उत्पादन पर्याप्त होने के बावजूद बड़ी आबादी भूख की समस्या से जूझ रही है। सामाजिक आयोजनों, शादियों और जन्मदिन समारोहों में भोजन की बर्बादी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अन्न और अन्नदाता का सम्मान करने तथा भोजन बर्बाद न करने की अपील की। इस दौरान उपस्थित लोगों को अन्न की बर्बादी रोकने का संकल्प भी दिलाया गया।

वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि दुनिया, विशेषकर भारत में खाद्यान्न की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि शादी, जन्मदिन और अन्य आयोजनों में भोजन की अनावश्यक बर्बादी रोकी जाए और हर भूखे व्यक्ति तक भोजन पहुंचाने का प्रयास किया जाए। प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि हर व्यक्ति को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना विश्व खाद्य दिवस का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने सभी से अन्न की बर्बादी रोककर जरूरतमंदों की भूख मिटाने में योगदान देने की अपील की।

जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनोज कुमार तोमर ने कहा कि लोगों को अपनी थाली में उतना ही भोजन लेना चाहिए, जितना वे खा सकें। भोजन को फेंकना किसी जरूरतमंद के हिस्से का अन्न बर्बाद करने के समान है। कार्यक्रम में उपनिदेशक कृषि डॉ. महेंद्रपाल सिंह, डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. भगवंत शरण, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक शमशाद अली सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कृषि विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. ज्योति सिंह ने किया।



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