गोलीकांड से सोशल मीडिया तक पुलिस का शिकंजा, ऑपरेशन शस्त्र में 208 गिरफ्तार
चार जिलों में 180 मुकदमे दर्ज, 185 अवैध हथियार और 214 कारतूस बरामद; हथियार मुहैया कराने वालों से लेकर अपराधियों को पनाह देने वालों तक होगी जांच
मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन शस्त्र के तहत सितंबर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। एक से 30 सितंबर तक चार जिलों में 208 आरोपियों को गिरफ्तार कर 185 अवैध हथियार और 214 कारतूस बरामद किए गए। इस दौरान कुल 180 मुकदमे दर्ज हुए। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अभियान की समीक्षा करते हुए गोलीकांड में हथियार उपलब्ध कराने वालों, अपराधियों को शरण देने वालों और सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मेरठ में सबसे अधिक 82 मुकदमे दर्ज कर 106 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यहां 83 अवैध हथियार और 114 कारतूस बरामद हुए। बुलंदशहर में 62 मुकदमों में 65 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 66 हथियार और 63 कारतूस मिले। बागपत में 22 मुकदमों में 23 आरोपी गिरफ्तार हुए और 22 हथियार व 22 कारतूस बरामद किए गए। हापुड़ में 14 मुकदमे दर्ज कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यहां 14 हथियार और 15 कारतूस मिले।
गोलीकांड में हथियार से लेकर वाहन तक की होगी पड़ताल
डीआईजी ने निर्देश दिए कि गोलीकांड की हर घटना में केवल गोली चलाने वाले तक जांच सीमित न रहे। हथियार उपलब्ध कराने वाले, लाइसेंसधारक या मालिक, अवैध हथियार के स्रोत, उसे रखने के ठिकाने और घटनास्थल तक पहुंचने में इस्तेमाल वाहन की भी जांच की जाए। वाहन मालिक और मुख्य आरोपी के साथ मौजूद लोगों की भूमिका भी साक्ष्यों के आधार पर खंगाली जाएगी। साजिश में शामिल पाए जाने वाले परिवार के सदस्यों और मित्रों पर भी साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी।
लाइसेंसी हथियार किसी दूसरे व्यक्ति को दिखावे या इस्तेमाल के लिए देने पर आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निरस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। हथियार लाइसेंस पर कारतूस जारी करने से पहले पहले जारी कारतूसों की खपत और उपयोग की भी जांच की जाएगी।
हथियारों का प्रदर्शन किया तो होगी कार्रवाई
पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन नहीं करने और अवैध हथियार रखने वालों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। ऐसे लोगों को मकान या वाहन इस्तेमाल के लिए देने, घर में हथियार छिपाने अथवा अपराधियों को शरण देने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डीआईजी ने पूर्व में गोलीकांड और हथियारों के दुरुपयोग में शामिल रहे अपराधियों की गतिविधियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा गतिविधियों के आधार पर हिस्ट्रीशीट खोलने के साथ गुंडा अधिनियम और गैंगस्टर अधिनियम सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।


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