क्राइम सीन पर आरोपी को रस्सी से बांधा, पुलिस पर बेरहमी से पीटने के आरोप
भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी फैजल की पिटाई का वीडियो वायरल; पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
भावनगर। गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी को क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से पीटे जाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में आरोपी फैजल उर्फ खटकी को रस्सी से बांधकर पुलिसकर्मियों द्वारा डंडे से पीटते हुए देखा जा सकता है। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार को नीलांबुग थाना पुलिस हत्या के आरोपी फैजल को घटना का रिक्रिएशन कराने के लिए भावनगर एसटी बस स्टैंड लेकर पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी को रस्सी से बांधकर पुलिस की जिप्सी के पीछे पीटे जाने का वीडियो सामने आया। एक अन्य दृश्य में उसे बस स्टैंड परिसर में एक पोल से बांधकर पीटते हुए भी देखा जा सकता है।
वीडियो में आरोपी के दोनों हाथ बंधे दिखाई दे रहे हैं। वह कथित तौर पर दर्द से कराहता और नीचे गिरता नजर आता है, इसके बावजूद पुलिसकर्मी उसे पीटते दिखाई दे रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि करीब 10 मिनट के दौरान आरोपी को 107 बार डंडे से पीटा गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
3 सितंबर को महिला की हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, फैजल उर्फ खटकी रफीकभाई लखानी पर 3 सितंबर को भावनगर के एसटी बस स्टैंड के पास अपनी लिव-इन पार्टनर काजलबेन की हत्या करने का आरोप है। काजलबेन कुम्हारवाड़ा की रहने वाली थी और करीब आठ वर्षों से फैजल के साथ रह रही थी।
बताया गया कि घटना के दिन काजलबेन बस स्टैंड के पास अपने परिचित रवि उर्फ बडो गोहेल से बातचीत कर रही थी। इसी दौरान फैजल वहां पहुंचा और दोनों से विवाद करने लगा। आरोप है कि गुस्से में उसने दोनों को लात मारी और काजलबेन को जमीन पर गिराकर उसके सिर, गर्दन और चेहरे पर वार किए। गंभीर हालत में काजलबेन को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
आरोपी के साथ सार्वजनिक स्थान पर कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। खासतौर पर यह मुद्दा उठ रहा है कि अपराध की जांच और क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान किसी आरोपी के साथ इस तरह का व्यवहार कानून और पुलिस प्रक्रिया के अनुरूप है या नहीं।
गुजरात के पूर्व प्रभारी डीजीपी डॉ. के.एल.एन. राव के कार्यकाल के दौरान पुलिसकर्मियों को आरोपियों को सार्वजनिक रूप से घुमाने अथवा उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करने को लेकर लिखित निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में वायरल वीडियो ने पुलिस की जवाबदेही और आरोपी के साथ व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है।


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