खेल विवि की परिषद बैठक में खिलाड़ियों के लिए अकादमिक लचीलेपन पर जोर
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए परीक्षा, उपस्थिति और ऑनलाइन कक्षाओं में सुविधा देने पर मंथन
शैक्षणिक कैलेंडर को मिली मंजूरी, रोजगारोन्मुखी सर्टिफिकेट कोर्सेज को भी स्वीकृति
मेरठ। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, सलावा की शैक्षणिक एवं गतिविधि परिषद की द्वितीय बैठक शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी) के कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति एवं परिषद अध्यक्ष मेजर जनरल दीप अहलावत, वीएसएम (सेवानिवृत्त), अर्जुन पुरस्कार विजेता ने की।
बैठक में विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था को खेल प्रतिभाओं की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, कौशल विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अकादमिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिबद्धताओं के साथ शिक्षा जारी रखने में किसी तरह की परेशानी न हो।
परिषद ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय, राज्य अथवा देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए अकादमिक लचीलापन बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। इसमें परीक्षा कार्यक्रम में आवश्यक बदलाव, उपस्थिति संबंधी उचित सुविधा, प्रतियोगिताओं के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं और वैकल्पिक शैक्षणिक व्यवस्थाओं जैसे विकल्पों पर विचार किया गया। सदस्यों ने कहा कि खिलाड़ियों को खेल और शिक्षा दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन का अवसर मिलना चाहिए।
बैठक में पद्मश्री, खेल रत्न एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता तथा पैरालंपिक पदक विजेता दीपा मलिक ने अपने खेल अनुभव साझा किए। उन्होंने खिलाड़ियों की व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अकादमिक व्यवस्था में उचित समायोजन और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियों को संस्थागत मान्यता देने पर जोर दिया।
वहीं, डॉ. गुलशन लाल खन्ना, पूर्व प्रो-वाइस चांसलर, एमआरआईआईआरएस फरीदाबाद ने विश्वविद्यालय के अकादमिक ढांचे को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के सुझाव दिए। डॉ. केशव गुर्जर, पूर्व उप निदेशक (खेल), जीवाजी विश्वविद्यालय और ओलंपियन आभा ढिल्लन ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सहभागिता की और सुझाव रखे।
कुलसचिव सुनील कुमार झा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और संस्थागत गतिविधियों की प्रगति से परिषद को अवगत कराया। डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. रचना वर्मा ने विभिन्न शैक्षणिक प्रस्ताव परिषद के समक्ष रखे, जिन पर सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की।
परिषद ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर को मंजूरी प्रदान की। साथ ही विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और रोजगारोन्मुखी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रस्तावित सर्टिफिकेट कोर्सेज को भी स्वीकृति दी गई। सदस्यों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अकादमिक एवं संस्थागत क्रेडिट देने की दिशा में प्रभावी नीतियां विकसित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक एवं संस्थागत विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों और नीतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। परिषद ने अकादमिक व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण, नवाचारी, लचीली, खेल-अनुकूल और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में परिषद के सदस्य एवं अधिकारी मौजूद रहे। सार्थक विमर्श के साथ बैठक का समापन हुआ।


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