वायरल के दौर में बच्चों की खांसी को न समझें मामूली

बुखार-खांसी के साथ गले में खराश, सुस्ती या भूख कम लगे तो रहें सतर्क; लंबे समय तक खांसी टीबी का भी संकेत

मेरठ। वायरल संक्रमण के दौर में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इन दिनों बच्चों में खांसी, बुखार, गले में खराश, कमजोरी और सुस्ती जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में हर खांसी को मौसम का असर या एसी-पंखे की वजह मानकर नजरअंदाज करना उचित नहीं है। लगातार बनी रहने वाली खांसी एलर्जी का लक्षण हो सकती है, वहीं कुछ मामलों में यह टीबी का संकेत भी हो सकती है।

जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. विपुल कुमार  ने बताया कि वायरल संक्रमण के दौरान बच्चों में खांसी और बुखार सामान्य लक्षण हो सकते हैं, लेकिन इनकी अवधि और बच्चे की समग्र स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। यदि खांसी लगातार बनी रहे, बच्चा सुस्त रहने लगे, भूख कम हो जाए या वजन नहीं बढ़ रहा हो तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। अभिभावकों को बिना चिकित्सकीय सलाह के बच्चों को दवा देने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लगातार खांसी को केवल मौसम में बदलाव का असर मानकर छोड़ देना उचित नहीं है। खांसी के पीछे एलर्जी समेत कई कारण हो सकते हैं और कुछ मामलों में यह टीबी का संकेत भी हो सकती है। लगातार खांसी या अन्य लक्षण बने रहने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

डीटीओ ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों में बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने बच्चों को खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचाने तथा बाजार की बर्फ के इस्तेमाल से परहेज करने की सलाह भी दी।

छोटे बच्चों में गैस्ट्रिक लैवेज से टीबी की जांच

शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में टीबी की जांच के लिए गैस्ट्रिक लैवेज तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। छोटे बच्चे अक्सर बलगम का नमूना उपलब्ध नहीं करा पाते। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय निगरानी में गैस्ट्रिक लैवेज के माध्यम से नमूना लिया जाता है, जिसकी जांच से टीबी की पहचान में मदद मिल सकती है। इससे उन बच्चों की जांच संभव होती है, जिनसे सामान्य तरीके से बलगम का नमूना लेना मुश्किल होता है।

टीबी के लक्षणों को पहचानें

पी पी एम शबाना बेगम ने बताया कि बार-बार बुखार आना, लंबे समय तक खांसी रहना, वजन न बढ़ना या वजन कम होना, सुस्ती, भूख कम लगना और खांसी में बलगम आना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखने पर बीमारी को सामान्य वायरल मानकर उपचार टालने के बजाय चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चे की खांसी कितने समय से है और उसके साथ कौन-कौन से लक्षण हैं, इसकी पूरी जानकारी चिकित्सक को दें। समय पर जांच से बीमारी की पहचान और उचित उपचार की दिशा तय करने में मदद मिलती है।

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