मेरठ पुलिस लाइन में जन्मे कन्हाई, गूंजी बधाइयां
कृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तिमय हुआ पुलिस लाइन सभागार, पुलिसकर्मियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
मेरठ। पुलिस लाइन का सभागार शुक्रवार शाम श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रंग में सराबोर हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होते ही बधाइयों और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने भक्ति गीतों और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजी जोन भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले और एसपी देहात अभिजीत सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इसके बाद शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों और कलाकारों ने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और बाल लीलाओं को मंच पर जीवंत किया। भक्ति गीतों पर पुलिसकर्मी झूमते नजर आए। एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद लोगों को देर शाम तक बांधे रखा।
राधा-कृष्ण की फूलों की होली ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान राधा-कृष्ण का स्वरूप धरे कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी। अधिकारियों और उनके परिवारों ने कलाकारों के साथ फूलों की होली खेलकर जन्माष्टमी की खुशियां साझा कीं। वरिष्ठ अधिकारी भी प्रस्तुतियों से अभिभूत नजर आए और कई प्रस्तुतियों के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
पुलिस परिवारों की रही विशेष भागीदारी
जन्माष्टमी समारोह में पुलिसकर्मियों के साथ उनके परिवारों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुलिस लाइन में रहने वाले बच्चों और परिवारों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान परिवारों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर और नए एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के परिवार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के परिजन भी मौजूद रहे। धार्मिक आस्था, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के इस संगम ने पुलिस लाइन के माहौल को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया।
ड्यूटी की सख्ती से अलग दिखा पुलिसकर्मियों का अंदाज
कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मी इस मौके पर ड्यूटी की सख्ती से अलग भक्ति और उल्लास के रंग में नजर आए। मंच पर उनकी प्रतिभा और उत्साह ने आयोजन को खास बना दिया। जन्माष्टमी का यह समारोह पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए आपसी मेलजोल और खुशियां साझा करने का यादगार अवसर बना।



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