सेंट्रल मार्केट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की तलवार

859 मकानों के सेटबैक पर अवैध निर्माण बना बड़ी चुनौती, आवास विकास ने लखनऊ भेजी रिपोर्ट

21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, व्यापारियों के आंदोलन के बाद फिलहाल कार्रवाई पर विराम

मेरठ। सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन को लेकर आवास एवं विकास परिषद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है और इससे पहले परिषद को आदेश का अनुपालन कराना है। लेकिन अभी तक सभी 859 मकानों के सेटबैक पर हुए अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं किए जा सके हैं। इसी बीच व्यापारियों के आंदोलन के बाद परिषद अधिकारियों ने 21 सितंबर तक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है।

बुधवार को व्यापारियों और आवासीय भवनों में संचालित निजी अस्पतालों के संचालकों ने शास्त्रीनगर स्थित गुरुद्वारा रोड पर महापंचायत कर विरोध जताया था। अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ। गुरुवार को परिषद अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट लखनऊ स्थित उच्चाधिकारियों को भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश मांगे हैं।

44 भवनों पर कार्रवाई के आदेश

14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सील किए गए 44 भवनों में हुए अवैध निर्माण ध्वस्त करने के साथ ही अन्य भवनों के सेटबैक पर किए गए अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। आवासीय भवनों में संचालित निजी अस्पतालों समेत अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के भी निर्देश दिए गए थे। परिषद ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण स्वयं हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया था।

कुछ व्यापारियों ने अपने अवैध निर्माण स्वयं हटा लिए, लेकिन ईडब्ल्यूएस और एलआईजी भवनों के सेटबैक पर हुए निर्माण अब भी चुनौती बने हुए हैं। वहीं निजी अस्पतालों को नोटिस दिए जाने के बाद संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया।

महापंचायत में धमकी देने का आरोप

सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल मार्केट मामले के याचिकाकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने आरोप लगाया कि बुधवार की महापंचायत में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मंच से उनका नाम लेकर धमकी दी गई। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया।

खुराना ने कहा कि उनके साथ किसी भी तरह की अनहोनी होती है तो इसके लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष भी रखेंगे।

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