सरेआम युवक की हत्या के बाद बवाल, आरोपी के घर चला बुलडोजर
चार महीने पहले हुई थी शादी, दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था नितिन; शव सड़क पर रखकर आठ घंटे तक प्रदर्शन, एनकाउंटर की मांग
मेरठ। हस्तिनापुर में शुक्रवार शाम 22 वर्षीय नितिन नागर की गोली मारकर हत्या के बाद शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। इकलौते बेटे का शव देखकर पिता सतीश नागर की तबीयत बिगड़ गई, जबकि चार महीने पहले ही शादी हुई नितिन की पत्नी रो-रोकर बेसुध हो गई।
सुबह करीब सात बजे परिजनों और ग्रामीणों ने नितिन का शव गणेशपुर तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया। करीब 500 लोग प्रदर्शन में शामिल रहे। परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर और उनके मकानों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, वे शव नहीं उठाएंगे।
हंगामे की सूचना पर एसपी देहात अभिजीत कुमार समेत पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की टीम एक आरोपी सत्य उर्फ मिट्ठू के घर बुलडोजर लेकर पहुंची। घर पर ताला लगा मिला। इसके बाद बुलडोजर से मकान के सामने बनी रेलिंग तोड़ दी गई। बताया गया कि आरोपी परिवार समेत फरार है।
मौके पर पहुंचे हस्तिनापुर विधायक एवं राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने हाथ जोड़कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब आठ घंटे चले हंगामे के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए और नितिन का अंतिम संस्कार किया गया।
दौड़ से लौटते समय घेरकर की फायरिंग
नितिन बहसूमा थाना क्षेत्र के माननगर गांव का रहने वाला था। वह दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसका तीन अक्टूबर को फिजिकल टेस्ट होना था। वह रोज अपने दोस्त प्रिंस उर्फ मुकद्दम के साथ दौड़ लगाने जाता था।
शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे दोनों घर से निकले थे। हस्तिनापुर में जंबूद्वीप नहर की ओर से लौटते समय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के सामने दो बाइकों पर आए छह हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी।
प्रिंस किसी तरह मौके से बचकर निकल गया, जबकि नितिन भागने लगा। इसी दौरान एक गोली उसकी जांघ में लगी। आसपास लोगों की भीड़ जुटने पर हमलावर फरार हो गए। प्रिंस घायल नितिन को हस्तिनापुर सीएचसी लेकर पहुंचा, जहां से उसे मेरठ रेफर किया गया। एप्सनोवा अस्पताल में उपचार के दौरान नितिन की मौत हो गई।
दो दिन पहले हुए विवाद से जुड़ा मामला
परिजनों और पुलिस के मुताबिक, नितिन के दोस्त प्रिंस का दो दिन पहले हस्तिनापुर में पड़ोसी और शिक्षा विभाग में क्लर्क विवेक वर्धन उर्फ पिंकी चौधरी से रास्ते को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में मारपीट के बाद पुलिस की मौजूदगी में समझौता हो गया था।
आरोप है कि शुक्रवार को पिंकी के बड़े भाई सत्य उर्फ मिट्ठू ने साथियों के साथ प्रिंस पर हमला किया। इसी दौरान नितिन भी उनके निशाने पर आ गया। प्रिंस तो बच गया, लेकिन गोली लगने से नितिन की जान चली गई।
पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

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