विदेशी भाषा का ज्ञान युवाओं के लिए खोलेगा वैश्विक रोजगार के द्वार

आईआईएमटी विश्वविद्यालय पहुंचे कोलंबिया दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन लुइस फर्नांडो, स्टूडेंट व कल्चरल एक्सचेंज के लिए विद्यार्थियों को किया आमंत्रित

मेरठ। भारत और कोलंबिया के बीच शिक्षा, संस्कृति और तकनीक समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के अवसरों को लेकर शिक्षा के साथ विदेशी भाषाओं पर मजबूत पकड़ बनाना जरूरी है। यह बात कोलंबिया दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन लुइस फर्नांडो ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।

आईआईएमटी विश्वविद्यालय पहुंचे लुइस फर्नांडो ने परिसर, शैक्षिक गुणवत्ता तथा रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एकता शर्मा ने विद्यार्थियों को कोलंबिया के इतिहास, संस्कृति और विविधता से परिचित कराया। छात्रा वर्णिता पटेल ने गणेश वंदना और भूमि थापा ने नृत्य प्रस्तुति दी।

लुइस फर्नांडो ने भारत-कोलंबिया के पुराने और मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, दर्शन, सिनेमा और परंपराओं का कोलंबिया में विशेष प्रभाव है। उन्होंने बताया कि भारत आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और कोलंबिया के विद्यार्थी भी भारत में उच्च शिक्षा के प्रति रुचि दिखा रहे हैं।

उन्होंने आईआईएमटी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को स्टूडेंट एक्सचेंज और कल्चरल एक्सचेंज कार्यक्रमों के माध्यम से कोलंबिया आने का आमंत्रण दिया। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि विदेश में रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं को अपनी शैक्षिक योग्यता के साथ विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी हासिल करना चाहिए। भाषा की मजबूत पकड़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर खोल सकती है।

कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रशासन डॉ. संदीप कुमार ने लुइस फर्नांडो को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। डीन एक्टिविटीज डॉ. लखविंदर सिंह ने अतिथि, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान आईआईएमटी रेडियो की डायरेक्टर डॉ. सुगंधा क्षोत्रिय, इंटरनेशनल सेल के डायरेक्टर डॉ. राकेश शर्मा समेत विभिन्न विभागों के डीन, एचओडी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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