होर्मुज में फिर बारूदी जंग! ईरान का जॉर्डन-कुवैत-बहरीन पर मिसाइल-ड्रोन से पलटवार, ट्रंप की और बड़े हमले की धमकी

अमेरिका के ईरान पर ताजा हमलों के बाद बढ़ा तनाव, जॉर्डन ने 13 में से 10 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराने का दावा किया; कुवैत-बहरीन में भी ड्रोन हमले नाकाम

तेहरान/वाशिंगटन/अम्मान/कुवैत सिटी/मनामा, 2 सितंबर 2026। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक दौर में पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बुधवार को जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और इराक के एरबिल में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और हितों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह पिछले कई सप्ताह में दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा सैन्य टकराव बताया जा रहा है।

अमेरिका ने इससे पहले ईरान के दक्षिणी तट पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, कार्रवाई में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री सैन्य परिसंपत्तियों, माइन बिछाने की क्षमता और संचार ढांचे को निशाना बनाया गया।

ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का जोरदार पलटवार

अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि यदि उसने जवाबी कार्रवाई की तो उसे पहले से कहीं ज्यादा कठोर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बावजूद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ जवाबी अभियान शुरू कर दिया।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र के एरबिल में भी अमेरिकी हितों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने की बात कही गई है।

जॉर्डन में 13 मिसाइलें, 10 इंटरसेप्ट

जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसके हवाई क्षेत्र में 13 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें दाखिल हुईं। इनमें से 10 को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोककर नष्ट कर दिया, जबकि तीन मिसाइलें दूरदराज के इलाकों में गिरीं। जॉर्डन के अनुसार, इन घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ।

ईरानी सरकारी मीडिया की ओर से जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया, लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने इस दावे को खारिज किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने किसी अमेरिकी सैनिक की मौत की पुष्टि नहीं की है।

कुवैत और बहरीन में भी ड्रोन हमले

कुवैत में ईरानी ड्रोन हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया। रिपोर्टों के अनुसार, कुवैत सिटी में एक ड्रोन हमले के बाद आग लगने की सूचना भी सामने आई। हालांकि, कुवैत ने तत्काल किसी बड़े हताहत की पुष्टि नहीं की है।

बहरीन ने भी कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से आने वाले ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया है।

ईरान में शादी समारोह पर हमले का दावा

ईरान ने अमेरिकी हमले में दक्षिणी ईरान के सिरिक क्षेत्र के कुहेस्तक शहर में एक शादी समारोह को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, इस घटना में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या 50 से 68 के बीच बताई गई है।

ईरानी अधिकारियों ने इसे नागरिकों पर हमला बताया है। दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि उसके हमलों का निशाना ईरानी सैन्य ढांचा था और उसने नागरिकों को लक्ष्य नहीं बनाया। घटना और उसके कारणों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।

दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में धमाके

ईरानी मीडिया के अनुसार, असलुयेह, बंदर अब्बास, जास्क, कोनारक, क्यूशम द्वीप और अन्य तटीय क्षेत्रों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी कार्रवाई का मुख्य फोकस ईरान के दक्षिणी तट और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े सैन्य ढांचे पर रहा।

अमेरिका ने दावा किया है कि उसके अभियान का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमता और होर्मुज में अमेरिकी तथा वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाले ढांचे को कमजोर करना है।

होर्मुज में टैंकरों पर हमलों से बढ़ी चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर भी पड़ रहा है। हाल के दिनों में वाणिज्यिक जहाजों और टैंकरों से जुड़ी कई घटनाओं ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार को होर्मुज से गुजरने वाले एक सऊदी तेल टैंकर पर हुए हमले में दो फिलीपीन नाविकों की मौत हुई। अमेरिका ने इसके बाद ईरानी सैन्य और समुद्री क्षमता के खिलाफ कार्रवाई तेज की है।

अमेरिका ने ईरानी टैंकरों को भी बनाया निशाना

ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने होर्मुज क्षेत्र में ईरानी टैंकरों और सैन्य ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की है। अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले देशों पर जवाबी हमले किए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने होर्मुज जलडमरूमध्य को संघर्ष का सबसे संवेदनशील केंद्र बना दिया है। यहां किसी भी बड़े समुद्री टकराव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।

हूती ने ईरान का समर्थन किया

यमन में हूती-नियंत्रित प्रशासन ने अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के प्रति समर्थन जताया है। हूती पक्ष ने अमेरिकी कार्रवाई को क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताते हुए कहा है कि ईरान को जवाबी कार्रवाई का अधिकार है।

इस बीच मध्य-पूर्व के कई देशों ने क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर चिंता जताई है और संघर्ष को व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया है।

संघर्ष के और फैलने का खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुए हमलों ने मध्य-पूर्व में व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ा दी है। एक तरफ अमेरिका ईरान की सैन्य और समुद्री क्षमता पर लगातार प्रहार कर रहा है, वहीं ईरान अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले ठिकानों को निशाना बनाकर जवाब दे रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य इस संघर्ष का सबसे बड़ा रणनीतिक केंद्र बन चुका है। यहां तनाव बढ़ने से न केवल खाड़ी क्षेत्र बल्कि वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

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