मारपीट प्रकरण में समझौते की चर्चाओं पर दिग्विजय भाटी का खंडन
फेसबुक लाइव में बोले- हमारी तरफ से कोई शपथ पत्र नहीं दिया गया, पुराने बयान पर कायम; डीआईजी सहारनपुर कर रहे मामले की जांच
मेरठ। किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव से जुड़े मारपीट प्रकरण में कथित समझौते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच दिग्विजय भाटी ने इसका खंडन किया है। शुक्रवार को फेसबुक लाइव में उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से कोई शपथ पत्र नहीं दिया गया है और वह अपने पूर्व में दिए बयान पर कायम हैं।
मोहित जाटव ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि दिग्विजय भाटी ने डीआईजी सहारनपुर के समक्ष इस मामले में शपथ पत्र दिया है। इसके बाद दिग्विजय भाटी ने फेसबुक लाइव के माध्यम से इस दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह जांच के दौरान भी वही बयान देंगे जो पहले दिया था।
19 अगस्त को एसएसपी कार्यालय में हुआ था विवाद
मामला 19 अगस्त का है। भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे। दोनों ने आरोप लगाया था कि एसएसपी के कैबिन में उनके साथ मारपीट की गई। भाटी ने आंख में गंभीर चोट लगने का आरोप लगाया था।
प्रकरण के बाद तत्कालीन सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ को पहले पुलिस लाइन भेजा गया और बाद में निलंबित कर दिया गया। भाटी और मोहित ने उनके तथा पुलिसकर्मियों पर भी प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। मामले में सपा विधायक अतुल प्रधान ने एडीजी भानु भास्कर से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी।
डीआईजी सहारनपुर कर रहे जांच
एडीजी ने प्रकरण की जांच डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को सौंपी थी। डीआईजी मेरठ आकर संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटा चुके हैं। दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
शुरुआत में भाटी और मोहित की ओर से तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय, इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ और पुलिस टीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी। हालांकि, अब तक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। एडीजी भानु भास्कर के अनुसार, डीआईजी सहारनपुर जल्द अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकते हैं।

No comments:
Post a Comment