होर्मुज संकट के बीच मोदी का संदेश, समुद्री रास्ते सुरक्षित और खुले रखने पर जोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री रास्ते खुले और सुरक्षित रहें तथा समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। प्रधानमंत्री ने यह बात ऐसे समय कही है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर वैश्विक स्तर पर तनाव बना हुआ है।
मोदी ने कहा कि ब्रिक्स का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2006 में चार देशों से शुरू हुए इस समूह में अब साझेदार देशों को मिलाकर 21 देशों का परिवार है। इन देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और वैश्विक जीडीपी में इनकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि भारत में आयोजित यह अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्पेस, बायोटेक और अन्य उभरती तकनीकों में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। ‘मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया और स्केल फॉर द वर्ल्ड’ के तहत स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है। भारत में दो लाख से अधिक स्टार्टअप हैं और दुनिया के करीब 50 प्रतिशत रियल टाइम डिजिटल भुगतान यूपीआई के माध्यम से होते हैं।
व्यापार की बाधाएं दूर करने पर जोर
मोदी ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए तीन सुझाव भी रखे। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं पर रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। इसके अलावा हर वर्ष 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों में विस्तार में मदद और कारोबार के क्षेत्र में 1,000 नई साझेदारियां स्थापित करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। प्रधानमंत्री ने इन लक्ष्यों की हर वर्ष समीक्षा किए जाने की बात कही।
पुतिन ने भी फ्री ट्रेड की वकालत की
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ब्रिक्स बिजनेस फोरम में वैश्विक मुक्त व्यापार की वकालत की। उन्होंने ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि समूह की अर्थव्यवस्था दुनिया की करीब 40 प्रतिशत जीडीपी के बराबर है। पुतिन ने जी-7 की अर्थव्यवस्था की तुलना करते हुए उस पर भी निशाना साधा।
फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी मौजूद थे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान मोदी ने पुतिन को तमिल भाषा के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया।

No comments:
Post a Comment