आदिवासी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करे सरकार
भोपाल। अपना दल (एस) के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर.बी. सिंह पटेल ने मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आदिवासी बस्तियों में तत्काल पेयजल और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
पटेल ने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी प्रदेश के कई आदिवासी इलाकों में लोगों को साफ पानी उपलब्ध नहीं होना चिंताजनक है। उनके अनुसार, बालाघाट जिले के मैहर क्षेत्र सहित कई इलाकों में इंडिया मार्का हैंडपंपों की कमी और खराब पड़े हैंडपंपों की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके कारण ग्रामीणों को नालों, झरनों और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी जुटाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल बुनियादी आवश्यकता है और असुरक्षित पानी से ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सरकार को योजनाओं की घोषणा के साथ उनके जमीनी क्रियान्वयन और निगरानी पर भी ध्यान देना चाहिए।
पटेल ने खराब हैंडपंपों का तत्काल सर्वे कराकर मरम्मत कराने, जरूरत वाले क्षेत्रों में नए हैंडपंप लगाने तथा स्थायी पेयजल व्यवस्था के लिए पाइपलाइन और जलापूर्ति योजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने दूरस्थ आदिवासी बस्तियों में डिस्पेंसरी, आवश्यक दवाइयों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल ने दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी और अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल उसी विचार को आगे बढ़ा रही हैं। पटेल ने कहा कि पार्टी आदिवासी और वंचित समाज के बुनियादी अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।


No comments:
Post a Comment