‘यूपी में वाल्मीकि मुख्यमंत्री कब बनेगा’, रोहिणी घावरी ने उठाई राजनीतिक भागीदारी की मांग

मेरठ में सामाजिक बैठक में बोलीं रोहिणी—आरक्षण वर्गीकरण लागू हो, समाज को कम से कम 30 प्रतिशत भागीदारी मिले; भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा से टिकट देने की मांग

मेरठ। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की पूर्व गर्लफ्रेंड होने का दावा करने वाली डॉ. रोहिणी घावरी रविवार को मेरठ पहुंचीं। कदंबा रिसोर्ट में आयोजित सामाजिक बैठक में उन्होंने वाल्मीकि समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और सत्ता में प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वाल्मीकि समाज को भी नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। समाज कब तक केवल चुनावी भीड़ का हिस्सा बनकर दूसरों को जिताता रहेगा।

रोहिणी ने कहा कि उनकी दो प्रमुख मांगें हैं। पहली, उत्तर प्रदेश में आरक्षण वर्गीकरण लागू किया जाए और दूसरी, वाल्मीकि समाज को कम से कम 30 प्रतिशत राजनीतिक भागीदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि 30 प्रतिशत की मांग पर समाज को 10 प्रतिशत भागीदारी भी मिलती है तो इसे स्वीकार किया जाएगा।

‘आबादी 20 लाख से ज्यादा, फिर भी राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं’

रोहिणी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में वाल्मीकि समाज की आबादी 20 लाख से अधिक है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी बेहद कम है। उन्होंने कहा कि समाज सभी राजनीतिक दलों के साथ खड़ा रहता है और चुनावों में वोट देता है, इसके बावजूद उसे नेतृत्व का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता।

उन्होंने कहा कि अब समाज को केवल चुनावी कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। वाल्मीकि समाज के लोगों को विधानसभा और अन्य राजनीतिक संस्थाओं में पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए।

चारों प्रमुख दलों से टिकट देने की मांग

उन्होंने भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा से विधानसभा चुनाव में वाल्मीकि समाज के लोगों को टिकट देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल यदि समाज के लोगों को अवसर देते हैं तो वे मेहनत कर घर-घर जाकर संगठन को मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को विधानसभा तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

रोहिणी ने कहा कि समाज को अब राजनीतिक नेतृत्व में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए संगठित होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि वाल्मीकि समाज आखिर कब तक केवल चुनावी आयोजनों में दरी बिछाने और भीड़ का हिस्सा बनने तक सीमित रहेगा।

आरक्षण वर्गीकरण को लेकर सौंपा ज्ञापन

सामाजिक बैठक के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को सौंपा गया। ज्ञापन में वाल्मीकि समाज के लिए आरक्षण वर्गीकरण लागू करने और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की मांग की गई।

बैठक के संयोजक रोहित प्रधान (पावटी) रहे। इस दौरान राजकुमार, सिद्धार्थ, प्रवीण भगवानिया, अशोक प्रधान, किशोर प्रधान और अर्जुन करोतिया समेत अन्य लोग मौजूद रहे। रोहिणी के पिता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

चंद्रशेखर आजाद से विवाद पर बोलीं—फैसला कोर्ट करेगा

चंद्रशेखर आजाद के साथ चल रहे विवाद को लेकर रोहिणी ने कहा कि मामला न्यायालय में है और वह कोर्ट की तारीख का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय का फैसला आने के बाद वह अपनी बात सबके सामने रखेंगी। अपने लगाए आरोपों के संबंध में उन्होंने कहा कि सही और गलत का फैसला न्यायालय को करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर मामले का फैसला सड़क पर नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।

महिला आयोग से जवाब नहीं मिलने का दावा

रोहिणी ने महिला आयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वह पिछले एक साल से आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आयोग उनकी बात सुनेगा।

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