मवाना सीएचसी पर बढ़ा मरीजों का भरोसा, रोजाना 1500 की ओपीडी

छह से अधिक जिलों से इलाज कराने पहुंच रहे मरीज, 60 बेड के अस्पताल में 10 बेड का एसएनसीयू; साफ-सफाई और बेहतर उपचार व्यवस्था बनी पहचान

मेरठ। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर आम लोगों की धारणा भले ही बहुत अच्छी न रही हो, लेकिन मवाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इस सोच को बदलने की दिशा में मिसाल बन रहा है। मेरठ शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित इस सीएचसी में रोजाना करीब 1500 मरीज ओपीडी में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या के मामले में यह जिला अस्पताल को भी टक्कर दे रहा है।

मवाना सीएचसी की खास बात यह है कि यहां केवल मेरठ ही नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर, बागपत, सहारनपुर, गाजियाबाद, हापुड़ और मुरादाबाद तक से मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। दूसरे जिलों से मरीजों का यहां आना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है।

60 बेड का अस्पताल, नवजातों के लिए 10 बेड का एसएनसीयू

सीएचसी में कुल 60 बेड की व्यवस्था है। यहां पांच स्थायी और चार संविदा चिकित्सक मरीजों को उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा पांच स्टाफ नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी सेवाओं में लगे हैं। नवजात बच्चों के उपचार के लिए 10 बेड का स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) भी संचालित है।

बाल रोग विभाग में दूसरे जिलों से भी पहुंच रहे मरीज

सीएचसी के बाल रोग विभाग में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेरठ के अलावा आसपास के जिलों से अभिभावक बच्चों का उपचार कराने यहां पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार के अनुसार बच्चों को बेहतर उपचार देने के साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

गाजियाबाद से बच्चे का उपचार कराने पहुंचे धर्मपाल ने बताया कि उनके बच्चे को लगातार परेशानी थी। परिचित के माध्यम से मवाना सीएचसी की जानकारी मिली, जिसके बाद वह बच्चे को लेकर यहां पहुंचे। चिकित्सकों की देखरेख में उपचार शुरू होने के एक-दो दिन में ही बच्चे की हालत में सुधार दिखाई देने लगा।

संक्रमण नियंत्रण पर विशेष फोकस

एसएनसीयू प्रभारी डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि 10 बेड के वार्ड में नवजात बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जाता है। आसपास के जिलों से भी नवजात यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। नवजातों में संक्रमण का खतरा अधिक होने के कारण वार्ड की साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण के मानकों का विशेष ध्यान रखा जाता है।



टीमवर्क से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास

एमओआईसी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि शहर से दूर होने के बावजूद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयास से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। यही वजह है कि मवाना सीएचसी पर मेरठ के साथ-साथ आसपास के जिलों के मरीजों का भरोसा भी लगातार बढ़ रहा है।

मवाना सीएचसी की खासियत

  • रोजाना करीब 1500 मरीजों की ओपीडी

  • कुल 60 बेड

  • नवजातों के लिए 10 बेड का एसएनसीयू

  • छह से अधिक जिलों से पहुंच रहे मरीज

  • पांच स्थायी और चार संविदा चिकित्सक

  • साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण पर विशेष जोर

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