ग्रेटर नोएडा में 15 से 18 सितंबर तक बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026

14.5 लाख वर्ग फुट में लगेगा ट्रेड फेयर, 1,100 से अधिक प्रदर्शक और 75 हजार से ज्यादा विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद

नोएडा। कंस्ट्रक्शन मशीनरी, बिल्डिंग मटेरियल मशीनों, माइनिंग मशीनों और कंस्ट्रक्शन वाहनों से जुड़े भारत के सबसे बड़े ट्रेड फेयर बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 का आयोजन 15 से 18 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में होगा। पूरी तरह बुक हो चुके इस आठवें संस्करण में 14.5 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में 1,100 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। आयोजकों के मुताबिक, 100 से अधिक देशों से 75 हजार से ज्यादा विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है।

बिहार सरकार स्टेट पार्टनर के रूप में शामिल होगी। वहीं 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खरीदारों के प्रतिनिधिमंडल भी प्रदर्शनी में पहुंचेंगे। ये प्रतिनिधिमंडल देशभर में चल रही इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए उपकरणों की जरूरतों को सामने रखेंगे।

उत्पादकता और तकनीक पर जोर

मेस्से मुएनचेन इंडिया के सीईओ एवं आईएमईए प्रेसिडेंट भूपिंदर सिंह ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के साथ ऐसे उपकरणों की जरूरत है, जो वास्तविक काम के दौरान बेहतर प्रदर्शन कर सकें। खरीदार अब केवल मशीन की खूबियों के बजाय उत्पादकता, लगातार संचालन, लागत और बिक्री के बाद मिलने वाले सपोर्ट नेटवर्क को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया पूरे इक्विपमेंट इकोसिस्टम को एक मंच पर लाकर खरीदारों को बेहतर निवेश निर्णय लेने का अवसर देता है।

बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के नेशनल प्रेसिडेंट रविंद्र त्यागी ने कहा कि सही मशीन का चयन किसी भी प्रोजेक्ट की गति, लागत और गुणवत्ता पर सीधा असर डालता है। प्रदर्शनी में कॉन्ट्रैक्टर्स को अलग-अलग मशीनों की तुलना करने, सप्लायर्स से सीधे बातचीत करने और फाइनेंस तथा लंबे समय के सर्विस सपोर्ट की जानकारी लेने का अवसर मिलेगा।

नीरज चोपड़ा और हरमनप्रीत कौर ब्रांड एंबेसडर

इस वर्ष ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर आयोजन के ब्रांड एंबेसडर हैं। अभियान के तहत शो के नए मैस्कॉट ‘बुनो’ को भी पेश किया गया है। इसके अलावा ‘इंडिया इज़ बिल्डिंग. इंडिया इज़ मूविंग.’ एंथम लॉन्च किया गया है।

बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से बढ़ी उपकरणों की मांग

अगस्त 2026 तक देश का कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट उद्योग तेजी से विस्तार के दौर में पहुंच चुका है। केंद्रीय बजट 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसके साथ एडवांस कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए विशेष योजना भी शुरू की गई है।

इस निवेश से हाईवे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, माइनिंग और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है। बढ़ती परियोजनाओं के साथ आधुनिक मशीनों और उपकरणों की मांग भी बढ़ रही है।

एक ही मंच पर पूरा इक्विपमेंट इकोसिस्टम

प्रदर्शनी में इक्विपमेंट निर्माता, कंपोनेंट और अटैचमेंट सप्लायर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियां, इंजन-पावर सिस्टम कंपनियां, टायर निर्माता, फाइनेंस पार्टनर्स और बिक्री के बाद सेवाएं देने वाली कंपनियां हिस्सा लेंगी। यहां खरीदार अर्थमूविंग, सड़क निर्माण, कंक्रीट, लिफ्टिंग, माइनिंग, मटेरियल प्रोसेसिंग और अन्य सपोर्ट सिस्टम से जुड़े हजारों उत्पाद व तकनीकों को देख सकेंगे।

खरीदार एक ही जगह पर विभिन्न मशीनों की तुलना करने के साथ उनकी उत्पादकता, संचालन लागत, फाइनेंस विकल्प, सर्विस नेटवर्क और स्पेयर पार्ट्स सपोर्ट की जानकारी भी हासिल कर सकेंगे।

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