बेंगलुरु में 16 सितंबर से इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया 2026
60 हजार वर्ग मीटर में होगा आयोजन, 30 से अधिक देशों के 750 से ज्यादा प्रदर्शक और 50 हजार बिजनेस विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद
नोएडा। भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन सेक्टर को वैश्विक मंच देने के लिए इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया 2026 का आयोजन 16 से 18 सितंबर तक बेंगलुरु के बैंगलोर इंटरनेशनल एग्जिबिशन सेंटर (बीआईईसी) में किया जाएगा। मेस्से मुएनचेन इंडिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 30 से अधिक देशों के 750 से ज्यादा प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। 50 से अधिक देशों से 50 हजार से ज्यादा बिजनेस विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है।
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर फोकस
मेस्से मुएनचेन इंडिया के सीईओ एवं आईएमईए प्रेसिडेंट भूपिंदर सिंह ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग विस्तार, नीतिगत समर्थन और ग्लोबल वैल्यू चेन में बढ़ती भागीदारी के कारण महत्वपूर्ण दौर में है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु आयोजन का उद्देश्य उद्योग को नई तकनीकों, सप्लायर्स और बिजनेस पार्टनर्स से जोड़ना है।
नेशनल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य संजीव केसकर ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की ग्रोथ को बनाए रखने के लिए एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों को तेजी से अपनाना जरूरी है। प्रदर्शनी में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स के समाधानों की तुलना और भविष्य के विस्तार के लिए तकनीक व साझेदारियों की पहचान का अवसर मिलेगा।
मेस्से मुएनचेन जीएमबीएच के सीईओ डॉ. रेनहार्ड फाइफर ने कहा कि भारत अब केवल तेजी से बढ़ता बाजार नहीं, बल्कि उभरता हुआ ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग बेस भी है। 50 से अधिक देशों की भागीदारी आयोजन की अंतरराष्ट्रीय अहमियत को दर्शाती है।
18 कॉन्फ्रेंस और इंडस्ट्री फोरम
आयोजन के दौरान 18 कॉन्फ्रेंस, समिट और इंडस्ट्री फोरम होंगे, जिनमें 150 से अधिक वक्ता हिस्सा लेंगे। ईएलसीना की ओर से सीईओ फोरम और भारत पीसीबी टेक कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएगी। इनमें कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन और भारत की पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
कर्नाटक सरकार के बड़े एवं मध्यम उद्योग और बुनियादी ढांचा विकास मंत्री एम.बी. पाटिल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, जैव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. मंजुला एन., आईएएस सहित कई प्रमुख अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन की थीम ‘इलेक्ट्रॉनिक्स में भारत का पावरप्ले’ रखी गई है।
60 हजार वर्ग मीटर में होगा आयोजन
बेंगलुरु संस्करण 60 हजार वर्ग मीटर के प्रदर्शनी क्षेत्र में आयोजित होगा। इसमें निर्माता, कंपोनेंट सप्लायर, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी कंपनियां, खरीदार और नीति निर्माता एक मंच पर आएंगे। इससे कंपनियों को नई तकनीकों, सोर्सिंग विकल्पों और संभावित बिजनेस पार्टनर्स से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
ईसीएमएस से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को पीएलआई योजनाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) से लगातार बढ़ावा मिल रहा है। 17 अगस्त 2026 तक एमईआईटीवाई ने ईसीएमएस के तहत 106 परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इन परियोजनाओं में 69,548 करोड़ रुपये के निवेश और 74,628 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इनमें से 38 प्लांट में उत्पादन शुरू हो चुका है।
दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में हर साल आयोजन
इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया पहले दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में बारी-बारी से आयोजित होते थे। वर्ष 2026 से दोनों शहरों में इनका आयोजन हर साल किया जाएगा। इस दो-शहर मॉडल से आयोजन के स्तर में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
बेंगलुरु संस्करण दक्षिण भारत के मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस कंपनियों, कंपोनेंट निर्माताओं, सेमीकंडक्टर कंपनियों, रिसर्च संस्थानों, स्टार्टअप्स और ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों की भागीदारी रहेगी। इससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

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