अब हुनर से कारोबार तक आसान राह, विश्वकर्मा योजना में जुड़े 14 नए ट्रेड
ट्रेड की संख्या 11 से बढ़कर 25 हुई, मोबाइल रिपेयरिंग से सोलर इंस्टॉलेशन तक आधुनिक काम योजना के दायरे में
मेरठ। बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप योगी सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा बढ़ा दिया है। योजना में पहले से शामिल 11 ट्रेडों के साथ 14 नए ट्रेड जोड़े गए हैं। इसके बाद योजना में कुल 25 ट्रेड शामिल हो गए हैं। सरकार ने पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने के साथ तकनीकी और आधुनिक सेवा क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए भी स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए हैं।
नई सूची में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे पारंपरिक ट्रेड शामिल किए गए हैं। इसके अलावा मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, विद्युत सामान मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस (ब्यूटीशियन) को भी योजना में शामिल किया गया है।
पहले से योजना में बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी ट्रेड शामिल थे। नए ट्रेड जुड़ने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अधिक कारीगर योजना का लाभ उठा सकेंगे।
10 दिन की ट्रेनिंग, पांच हजार रुपये मानदेय
चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 5,000 रुपये मानदेय डीबीटी के माध्यम से मिलेगा। भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी निशुल्क रहेगी। प्रशिक्षण पूरा करने पर 15,000 रुपये मूल्य तक की उन्नत टूलकिट और कौशल प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
10 लाख तक ऋण की सुविधा
हुनर को कारोबार में बदलने के लिए लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सामान्य श्रेणी के पुरुषों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जबकि महिलाओं, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होगी। शेष राशि पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है।
सीजीटीएमएसई के तहत ऋण 100 प्रतिशत बिना गारंटी सुरक्षित होगा। नियमित भुगतान पर पांच वर्ष तक ब्याज सब्सिडी भी मिलेगी। छह महीने की मोरेटोरियम अवधि के बाद ऋण 54 किस्तों में चुकाया जा सकेगा।
उपायुक्त उद्योग के अनुसार, योजना का विस्तार पारंपरिक कारीगरों के हुनर को संरक्षित करने के साथ युवाओं को आधुनिक तकनीकी सेवाओं और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


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