ज्योतिष के विज्ञान पर मंथन, आईआईएमटी में प्रथम ज्योतिष महोत्सव का भव्य समापन
देश-विदेश के 100 से अधिक ज्योतिषाचार्यों ने साझा किया ज्ञान, अंक ज्योतिष, फलित ज्योतिष और हस्तरेखा पर हुई चर्चा
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में ज्योतिष पाठ्यक्रम के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं ज्योतिष विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रथम ज्योतिष महोत्सव का रविवार शाम भव्य समापन हुआ। दूसरे दिन प्राचीन भारतीय ज्योतिष के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए 100 से अधिक ज्योतिषाचार्यों एवं विशेषज्ञों ने विभिन्न विधाओं पर अपने विचार रखे।
महोत्सव में जैनाचार्य 108 श्री सौरभ सागर जी महाराज का विधि-विधान से स्वागत किया गया। उन्होंने ज्योतिषाचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ भव्य आयोजन के लिए आईआईएमटी प्रबंधन को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली परिस्थितियों को समझने और उनका सामना करने में अनुभवी ज्योतिषाचार्य मार्गदर्शन दे सकते हैं। ज्योतिष व्यक्ति को भविष्य के प्रति सजग रहने के साथ पुरुषार्थ के लिए भी प्रेरित करता है।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता ने कहा कि ज्योतिष भारत की प्राचीन एवं समृद्ध ज्ञान परंपरा है। यह केवल भविष्य जानने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान का मार्ग तलाशने वाली महत्वपूर्ण विद्या है। ऐसे आयोजनों से ज्ञान, अनुभव और शोध का आदान-प्रदान होता है।
महोत्सव में उत्तराखंड के पूर्व मंत्री डॉ. नंदकिशोर पुरोहित, श्रीलंका से आए आचार्य सुनेथ बडुला, राम कुमार शर्मा टोंक, डॉ. एसएस रावत, डॉ. लखन दहिया, आचार्य सागर और राघव स्वरूप भट्ट समेत विशेषज्ञों ने ज्योतिष के विभिन्न पक्षों पर विचार रखे। अंक ज्योतिष, वैदिक ज्योतिष, वास्तु, टैरो रीडिंग, हस्तरेखा, न्यूमरोलॉजी और हीलिंग पर भी चर्चा हुई। लोगों को विशेषज्ञों से निशुल्क व्यक्तिगत परामर्श लेने का अवसर मिला।
कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता और प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल ने ज्योतिषाचार्यों को सम्मानित किया। कुलपति डॉ. दीपा शर्मा, ज्योतिष विभाग की डीन आशा त्यागी समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। गायिका अनन्या सिंह ने भजनों की प्रस्तुति दी। संचालन एकता शर्मा ने किया। डीन आशा त्यागी ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार जताया।


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