पाकिस्तान में 125 साल पुराना हिंदू मंदिर ध्वस्त, भारत ने जताई कड़ी नाराजगी; दोषियों पर कार्रवाई की मांग

पंजाब के नारोवाल जिले के सिराज गांव में मंदिर गिराए जाने पर विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, कहा—अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे पाकिस्तान

नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में करीब 125 साल पुराने हिंदू मंदिर को गिराए जाने की घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए पाकिस्तान सरकार से मामले की तत्काल और पारदर्शी जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के नारोवाल जिले के सिराज गांव में ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को तोड़े जाने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के करीब एक सदी पुराने पूजा स्थल के साथ हुई तोड़फोड़ की भारत कड़ी निंदा करता है।

जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के अधिकारियों की ओर से मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से दोषियों को जवाबदेह ठहराने के साथ मंदिर को बहाल करने और अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों तथा सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा।

मंदिर गिराने को लेकर अलग-अलग दावे

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मंदिर गिराए जाने को लेकर वहां भी विवाद खड़ा हो गया है। अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी (PMMP) ने आरोप लगाया है कि मंदिर के ढांचे को पास के एक मदरसे के विस्तार के लिए जानबूझकर गिराया गया।

वहीं, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) का दावा है कि मंदिर का ढांचा भारी बारिश के कारण गिर गया। इस तरह मंदिर के ध्वस्तीकरण की वजह को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।

21 अगस्त को गिराया गया था मंदिर

रिपोर्ट के अनुसार मंदिर का ढांचा 21 अगस्त को गिराया गया था। PMMP का आरोप है कि कुछ लोगों ने मंदिर को गिराने के बाद वहां से ईंटें, गुंबद की धातु की फिटिंग और अन्य सामान भी हटा लिया।

संगठन ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों से संपर्क किया है। संगठन के मुताबिक यह मंदिर करीब 125 साल से भी अधिक पुराना था और स्थानीय हिंदू समुदाय के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता था।

भारत ने अल्पसंख्यक अधिकारों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

भारत ने कहा है कि धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा किसी भी देश की जिम्मेदारी है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अल्पसंख्यक समुदायों के पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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