ईरान से जंग के बीच अमेरिका को बड़ा झटका, US आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने दिया इस्तीफा
हेगसेथ से तनाव के बीच लिया फैसला, ट्रंप प्रशासन ने की ड्रिस्कॉल की नेतृत्व क्षमता की तारीफ
वॉशिंगटन,एजेंसी। ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंपा है। CNN ने तीन सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, ड्रिस्कॉल और अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। इसी वजह से उनका इस्तीफा देना बहुत चौंकाने वाला नहीं माना जा रहा है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने ड्रिस्कॉल के कार्यकाल और नेतृत्व की सार्वजनिक रूप से सराहना की है।
व्हाइट हाउस ने की ड्रिस्कॉल की तारीफ
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने ड्रिस्कॉल के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के अमेरिका को फिर से मजबूत बनाने के एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ऐतिहासिक सैन्य अभियान के दौरान नेतृत्व किया, अमेरिकी सेना की तैयारी और मारक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया और रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत में भी मदद की।
हेगसेथ के साथ तनाव की चर्चा
CNN के मुताबिक, ड्रिस्कॉल का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब ईरान युद्ध को करीब छह महीने हो चुके हैं। इससे पहले हेगसेथ और अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों के बीच भी मतभेद सामने आए थे। इसी साल हेगसेथ ने आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज समेत दो अन्य जनरलों को उनके पदों से हटा दिया था। ड्रिस्कॉल और जनरल जॉर्ज साथ मिलकर काम कर चुके थे।
पूर्व आर्मी रेंजर और वेंचर कैपिटलिस्ट रहे ड्रिस्कॉल अमेरिकी सेना के आधुनिकीकरण के समर्थक रहे हैं। उन्होंने सैनिकों की बेहतर सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और युद्ध में कमर्शियल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया। उनके कार्यकाल में निजी कंपनियों ने अमेरिकी सेना के ठिकानों पर डेटा सेंटर, जरूरी खनिजों की रिफाइनरी और डाइनिंग सुविधाओं समेत विभिन्न परियोजनाओं में 25 अरब डॉलर से अधिक निवेश का वादा किया था।
2025 में सीनेट ने दी थी नियुक्ति को मंजूरी
डैन ड्रिस्कॉल की आर्मी सेक्रेटरी के पद पर नियुक्ति को अमेरिकी सीनेट ने 25 फरवरी 2025 को 66-28 वोटों से मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें इस पद के लिए नामित किया था।
ड्रिस्कॉल ने येल लॉ स्कूल से पढ़ाई पूरी करने से पहले 'ऑपरेशन इराकी फ्रीडम' के दौरान अमेरिकी सेना की 10वीं माउंटेन डिवीजन में कैवेलरी स्काउट प्लाटून लीडर के रूप में सेवा की थी। इसके बाद उन्होंने वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी क्षेत्र में काम किया। वह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं।


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