मेरठ RSETI में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम
30 प्रशिक्षणार्थियों समेत स्टाफ ने ली नशा मुक्ति की शपथ, ऑनलाइन ई-प्लेज भी कराया गया
मेरठ। केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के 15 महिला एवं 15 पुरुष प्रशिक्षणार्थियों सहित समस्त स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। National e-Pledge Against Drug Abuse के तहत ऑनलाइन ई-प्लेज कराया गया। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों एवं स्टाफ ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक शपथ ली।
संस्थान के निदेशक निशांत गौतम ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य केवल नशा न करने की शपथ लेना नहीं, बल्कि समाज में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता पैदा करना और विशेष रूप से युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है।
उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। सिगरेट और बीड़ी के साथ गुटखा, खैनी एवं जर्दा जैसे धुआं रहित तंबाकू उत्पाद भी स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। नशा व्यक्ति को धीरे-धीरे बीमारी, आर्थिक परेशानी और पारिवारिक तनाव की ओर ले जा सकता है।
श्री गौतम ने कहा कि नशे का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसके कारण परिवार में तनाव, आर्थिक समस्याएं, घरेलू विवाद, बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव तथा सामाजिक अपराध जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, अच्छे मित्रों का साथ चुनने तथा खेलकूद, योग और रचनात्मक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की आदत में फंस गया है तो उसका मजाक उड़ाने के बजाय उसे परामर्श एवं उपचार के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
निदेशक ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा, “आप देश का भविष्य हैं। असली ताकत नशा करने में नहीं, बल्कि गलत चीजों को ‘ना’ कहने में है।” उन्होंने सभी से स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार, मित्रों एवं समाज के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।


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