बिजली चोरी पर जीरो टॉलरेंस, हाई लॉस फीडरों पर चलेगा सघन चेकिंग अभियान
एमडी रवीश गुप्ता ने की प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा, संयुक्त टीमों को आकस्मिक छापेमारी के निर्देश
मेरठ, 7 अगस्त। बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिजली चोरी की रोकथाम और प्रवर्तन कार्रवाई की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में विजिलेंस टीम, एंटी पावर थेफ्ट थाना प्रभारी और विभिन्न क्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं ने हिस्सा लिया। एमडी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वितरण मंडल के चिन्हित हाई लॉस फीडरों और बिजली चोरी संभावित क्षेत्रों में विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान निरंतर, योजनाबद्ध और प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए।
संयुक्त टीम करेंगी अचानक छापेमारी
एमडी ने विजिलेंस और क्षेत्रीय अधिकारियों की संयुक्त टीमों को आकस्मिक छापेमारी करने के निर्देश दिए। कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रवर्तन दलों को Body Worn Camera का अधिकतम उपयोग करने को कहा गया।
निर्देश दिए गए कि चेकिंग शुरू होने से लेकर कार्रवाई समाप्त होने तक बॉडी वॉर्न कैमरा चालू रखा जाए। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधीक्षण अभियंता और उच्च अधिकारियों को सूचित करते हुए समन्वित कार्रवाई की जाए।
बिजली चोरी के मामलों में जल्द हो कानूनी कार्रवाई
रवीश गुप्ता ने एंटी पावर थेफ्ट थाना प्रभारियों को बिजली चोरी से जुड़े मामलों में शीघ्र विवेचना और विधिक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। हाई वैल्यू असेसमेंट वाले मामलों में वितरण खंडों के सहयोग से प्रभावी वसूली अभियान चलाकर राजस्व वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया।
जीडी में दर्ज करनी होगी टीमों की उपस्थिति
बैठक में सभी प्रवर्तन दलों को निर्देश दिया गया कि अभियान पर रवाना होने से पहले अपनी उपस्थिति जनरल डायरी (जीडी) में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। इसके बाद समन्वित और अनुशासित तरीके से कार्रवाई की जाए।
एमडी ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा।


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