‘टिकट मांगता नहीं, दल खुशामद करके देते हैं’: भड़ाना
मेरठ में फिर सक्रिय हुए पूर्व सांसद, 2 सितंबर के बंद को समर्थन; जल्द करेंगे ओबीसी की बड़ी महापंचायत
मेरठ। पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता अवतार सिंह भड़ाना की मेरठ में बढ़ती सक्रियता ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। भड़ाना ने दक्षिण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच साफ कहा कि वह फिलहाल कोई टिकट नहीं मांग रहे हैं। उनका दावा है कि “मैं टिकट मांगता नहीं, दल खुद खुशामद करके टिकट देते हैं।”
भड़ाना ने 2 सितंबर को प्रस्तावित मेरठ बंद को समर्थन देने की बात कही है। साथ ही जल्द ही मेरठ में ओबीसी की बड़ी महापंचायत करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि महापंचायत के जरिए ओबीसी समाज के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा और मेरठ की आवाज दिल्ली तक पहुंचाई जाएगी।
सेंट्रल मार्केट के मुद्दे पर सरकार को घेरा
मेरठ में अपनी सक्रियता को चुनावी तैयारी मानने से इनकार करते हुए भड़ाना ने कहा कि उनका मेरठ से पुराना लगाव है। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की समस्या को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अधिकारियों के सामने भी मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा कि व्यापारी परिवारों की महिलाएं लंबे समय से धरने पर बैठी हैं। मेरठ की जनता ने उन्हें सांसद बनाया है, इसलिए वह यहां के लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहेंगे।
भड़ाना ने स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में होने के बावजूद यदि जनता परेशानी में है और उसके बीच जनप्रतिनिधि नहीं पहुंच रहे तो यह अफसोस की बात है।
‘25 सीटों पर अपने दम पर लड़ सकता हूं चुनाव’
2027 में मेरठ दक्षिण से चुनाव लड़ने के सवाल पर भड़ाना ने कहा कि उन्होंने कभी किसी से टिकट नहीं मांगा। उन्होंने दावा किया कि वह देश में कई लोकसभा और विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार, 10 लोकसभा और करीब 25 विधानसभा सीटों पर वह अपने दम पर चुनाव लड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना है। कांग्रेस से अपने पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए भड़ाना ने कहा कि नेहरू परिवार ने उन्हें राजनीति में बहुत कुछ दिया है।
इमरान मसूद के बयान पर भी निशाना
कांग्रेस नेता इमरान मसूद के विवादित बयान पर भड़ाना ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव को ऐसे लोगों पर अंकुश लगाना चाहिए। उनके मुताबिक ऐसे बयान विपक्षी गठबंधन को कमजोर करते हैं।
चार बार रह चुके हैं सांसद
अवतार सिंह भड़ाना चार बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 1991, 2004 और 2009 में फरीदाबाद तथा 1999 में मेरठ से लोकसभा चुनाव जीता था। 2017 में भाजपा के टिकट पर मीरापुर से विधायक बने। 2022 में सपा-रालोद गठबंधन के टिकट पर जेवर से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2024 में कांग्रेस में वापसी की।
मेरठ से उनका पुराना राजनीतिक रिश्ता रहा है। अब 2027 से पहले उनकी बढ़ती सक्रियता, 2 सितंबर के बंद को समर्थन और ओबीसी महापंचायत के ऐलान ने पश्चिमी यूपी की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।


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