धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे पर तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘पद मेरे लिए जरूरी नहीं’
बोले- नीट विवाद के दौरान जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश हुई, बीजेडी के ‘गो बैक’ नारों से भी नहीं परेशान
संबलपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता और संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक विवाद को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की गई। प्रधान ने कहा कि केंद्रीय मंत्री का पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
प्रधान ने कहा कि जेन-जी देश के बच्चे हैं और उनकी आकांक्षाएं बहुत बड़ी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल करोड़ों बच्चे जन्म लेते हैं और आने वाली पीढ़ी देश को विश्वगुरु बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पद उनके लिए व्यक्तिगत प्राथमिकता नहीं है।
बीजेडी के विरोध से परेशान नहीं
ओडिशा के रायराखोल में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधान ने बीजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध और ‘धर्मेंद्र प्रधान गो बैक’ के नारों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह ऐसे नारों से परेशान नहीं हैं।
प्रधान ने कहा कि वह किसान के बेटे हैं। अगर कोई उन्हें वापस जाने के लिए कहता है तो वह वापस आने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच काम करने में विश्वास रखते हैं।
नवीन पटनायक पर लगाए आरोप
प्रधान ने बीजेडी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल किया जा रहा है। प्रधान ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े।
उन्होंने कहा कि वह भले ही राज्य का नाम रोशन न कर पाएं, लेकिन ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे ओडिशा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।
बीजेडी विधायक की मौजूदगी में पहुंचे प्रधान
प्रधान ने बताया कि वह करीब 12 वर्ष पहले भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की आराध्य देवी समलेश्वरी के आशीर्वाद से केंद्रीय मंत्री बने थे। बीजेडी के विरोध को देखते हुए उन्होंने कार्यक्रम में जाने से पहले बीजेडी विधायक एवं विधानसभा में उपनेता प्रसन्ना आचार्य से सलाह ली थी। प्रधान के मुताबिक, आचार्य ने उन्हें कार्यक्रम में आने और स्वागत का भरोसा दिया था।
बीजेडी ने किया पलटवार
प्रधान के आरोपों पर बीजेडी ने पलटवार किया। संबलपुर जिला बीजेडी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने कहा कि प्रधान को किसी ने बदनाम नहीं किया, बल्कि नीट विवाद के दौरान छात्रों के आंदोलन से निपटने के तरीके को लेकर उनकी आलोचना हुई।
पुजारी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और सरकार की नीतियों के कारण प्रधान की छवि प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि इसके लिए नवीन पटनायक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
इस बीच, विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते संबलपुर पुलिस द्वारा एहतियातन करीब 30 बीजेडी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।


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