सऊदी अरब में दो जगह आग और धमाके से बढ़ा तनाव, डिफेंस डील के बीच उठे सवाल
जुबैल/जजान। सऊदी अरब में रविवार को दो अलग-अलग घटनाओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच चिंता बढ़ा दी। पूर्वी सऊदी के औद्योगिक शहर जुबैल में जोरदार धमाके की आवाज सुनाई देने और गैस फैसिलिटी में आग लगने की खबर सामने आई। वहीं पश्चिमी तट के जजान में सऊदी अरामको की एक रिफाइनरी साइट पर आग लग गई। हालांकि दोनों घटनाओं के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्टों में जुबैल की घटना के पीछे यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ होने का दावा किया गया है। हालांकि सऊदी अधिकारियों की ओर से अभी तक धमाके की वजह या किसी संभावित हमले को लेकर स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
जजान में अरामको की साइट पर लगी आग
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, जजान में अरामको की एक औद्योगिक सुविधा में रविवार तड़के आग लगी थी। अरामको की औद्योगिक सुरक्षा और दमकल टीम ने आग पर काबू पा लिया। मंत्रालय ने कहा कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग किस वजह से लगी, इसकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
जुबैल में धमाके ने बढ़ाया सस्पेंस
जुबैल सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है और यहां तेल-गैस से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं। धमाके के बाद गैस फैसिलिटी में आग लगने की खबरों ने संभावित हमले की आशंका को जन्म दिया।
हालांकि सोशल मीडिया और क्षेत्रीय मीडिया में हूतियों या इराकी मिलिशिया की भूमिका को लेकर दावे किए जा रहे हैं, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे निश्चित रूप से हूती हमला कहना जल्दबाजी होगी।
जुबैल और जजान क्यों अहम?
जुबैल सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित प्रमुख औद्योगिक शहर है, जबकि जजान देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में लाल सागर के किनारे, यमन की सीमा के नजदीक है। यही भौगोलिक स्थिति दोनों घटनाओं को अलग-अलग सुरक्षा संदर्भ देती है।
जजान में किसी हमले की आशंका होने पर यमन के हूती विद्रोहियों की ओर संदेह जाना स्वाभाविक है, जबकि जुबैल की घटना के मामले में संभावित स्रोत और जिम्मेदार पक्ष को लेकर ज्यादा जांच की जरूरत है।
पाकिस्तान-सऊदी-तुर्की डिफेंस डील के बीच घटना
इन घटनाओं की टाइमिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच क्षेत्रीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाला समझौता हुआ है। ऐसे में सऊदी के महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों के आसपास सामने आई घटनाओं ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि अभी यह कहना संभव नहीं है कि जुबैल का धमाका और जजान की आग इस रक्षा समझौते से जुड़े किसी घटनाक्रम का हिस्सा हैं। सऊदी सरकार ने दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध नहीं बताया है।
फिलहाल क्या साफ है?
- जुबैल में धमाके और गैस फैसिलिटी में आग की खबर सामने आई।
- जजान में अरामको की साइट पर लगी आग बुझा दी गई।
- सऊदी अधिकारियों के मुताबिक जजान की घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
- जुबैल की घटना को लेकर हमले के दावे सामने आए हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट नहीं है।
- दोनों घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
- पाकिस्तान-सऊदी-तुर्की रक्षा समझौते के बीच घटनाओं की टाइमिंग ने क्षेत्रीय तनाव को लेकर अटकलें बढ़ा दी हैं।


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