महंगाई पर मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र पर वार
बोले- ‘बेतुकी बातों में उलझाकर मुद्दे से बचने की कोशिश’
नई दल्ली (एजेंसी)।
त्योहारों से पहले देश में आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने बुधवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ध्यान भटकाने वाले स्टंट और बेतुकी बातों में उलझाकर महंगाई के मुद्दे से बचने की कोशिश कर रही है। बता दें कि मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे तमाम दावों के बीच आया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा, 'कांग्रेस और जनता महंगाई को लेकर सरकार से सवाल पूछती रहेगी।' इस दौरान उन्होंने खाद्य पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतों का एक चार्ट भी सोशल मीडिया पर साझा किया। इसमें आम आदमी की रसोई का भी जिक्र किया गया और प्याज, चीनी तथा सरसों के तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी 'एक्स' पोस्ट में दावा किया कि प्याज के दाम सालभर में ही 59 फीसदी तक बढ़ गए हैं। कई शहरों में यह 50 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। उन्होंने देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि देश में चीनी की कीमत 60-70 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। कहीं-कहीं पर तो यह 72 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि सरसों के तेल की कीमत में भी इजाफा हुआ है। उनके मुताबिक, सरसों के तेल की कीमत 200 रुपए प्रति लीटर से अधिक हो चुकी है।
आम आदमी के बजट को बिगाड़ रही महंगाई
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसी 'एक्स' पोस्ट में खाद्य और थोक मुद्रास्फीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि खाद्य मुद्रास्फीति 5.52 प्रतिशत और थोक मुद्रास्फीति 9.78 प्रतिशत होने की वजह से महंगाई आम आदमी के घरेलू बजट को प्रभावित कर रही है। खरगे ने आगे कहा कि 12 साल से भाजपा की सरकार है और 'अच्छे दिनों' का आलम यह है कि कभी दाल, कभी सब्जी, कभी तेल तो कभी चीनी आम आदमी का बजट बिगाड़ देती है।


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