गन्ना उत्पादन और इथेनॉल में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष पर, किसानों को मिला रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का भुगतान

लखनऊ, 25 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और शासन के निर्देशों के क्रम में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और इथेनॉल क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य सरकार की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।

सरकार ने गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने को प्राथमिकता देते हुए अब तक रिकॉर्ड 3.25 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया है। वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है, जबकि प्रदेश की 99 चीनी मिलों ने किसानों को गन्ना मूल्य का 100 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया है। विभाग के अनुसार, इन प्रयासों से गन्ना किसानों की औसत आय में 40,720 रुपये प्रति हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है।

नौ वर्षों में गन्ना उत्पादन में बड़ा इजाफा

गन्ना विकास विभाग के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई कर 968.58 लाख टन चीनी का उत्पादन किया। वर्ष 2016-17 से 2025-26 के बीच गन्ने का उत्पादन 1,486.57 लाख टन से बढ़कर 2,362 लाख टन हो गया। इसी अवधि में चीनी उत्पादन भी 87.73 लाख टन से बढ़कर 89.52 लाख टन पहुंच गया।

औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 82.56 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर हो गई है। यानी किसानों को प्रति हेक्टेयर 10.18 मीट्रिक टन अतिरिक्त गन्ने की उपज मिल रही है। वहीं औसत चीनी परता भी 10.61 प्रतिशत से बढ़कर 10.83 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

4 नई मिलें स्थापित, 7 बंद मिलें फिर शुरू

गन्ना पेराई क्षमता को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए प्रदेश में 4 नई चीनी मिलों की स्थापना की गई, जबकि 7 बंद चीनी मिलों को दोबारा चालू किया गया। इसके अलावा 44 चीनी मिलों की पेराई क्षमता का विस्तार किया गया। इन प्रयासों से प्रदेश में 1,28,500 टीसीडी अतिरिक्त पेराई क्षमता का सृजन हुआ है।

खांडसारी क्षेत्र में 285 नई इकाइयां

खांडसारी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन लाइसेंसिंग व्यवस्था लागू करने के साथ नीतियों को सरल बनाया गया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 285 नई खांडसारी इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों से करीब 41,900 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

विभाग के अनुसार, गन्ना किसानों के हित में किए जा रहे भुगतान, उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास, चीनी मिलों की क्षमता विस्तार और इथेनॉल एवं खांडसारी उद्योग को बढ़ावा देने वाली नीतियों से प्रदेश का गन्ना आधारित उद्योग लगातार मजबूत हो रहा है।

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