सीसीएसयू ने राष्ट्रीय रैंकिंग में लगाई लंबी छलांग, 15वें पायदान पर पहुंचा

पांच साल में नौ स्थान का सुधार; यूपी के राज्य विश्वविद्यालयों में दूसरा स्थान

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अकादमिक और शोध पहचान को मजबूत करते हुए इंडिया टुडे-एमडीआरए सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय रैंकिंग-2026 में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रमुख सामान्य (सरकारी) विश्वविद्यालय श्रेणी में सीसीएसयू को देश में 15वां स्थान मिला है। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय ने पिछले पांच वर्षों में अपनी रैंकिंग में नौ पायदान का सुधार किया है। उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सीसीएसयू दूसरे स्थान पर रहा।

सीसीएसयू की राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार का सिलसिला वर्ष 2022 से लगातार जारी है। वर्ष 2022 में विश्वविद्यालय 24वें स्थान पर था, जो 2023 में 22वें, 2024 में 18वें और 2025 में 17वें स्थान पर पहुंचा। अब 2026 में विश्वविद्यालय ने 15वां स्थान हासिल किया है।

इंडिया टुडे-एमडीआरए रैंकिंग में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन प्रतिष्ठा एवं शासन, शैक्षणिक एवं अनुसंधान उत्कृष्टता, बुनियादी ढांचा एवं जीवन अनुभव, व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास तथा करियर में तरक्की एवं प्लेसमेंट जैसे प्रमुख मानकों पर किया जाता है। संस्थागत आंकड़ों के साथ विशेषज्ञों की राय को भी मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।

शैक्षणिक और शोध क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन

सीसीएसयू के प्रदर्शन में प्रतिष्ठा एवं प्रशासन सबसे मजबूत क्षेत्र रहा, जिसमें विश्वविद्यालय को 154.2 अंक मिले। वहीं बुनियादी ढांचा एवं रहने का अनुभव में 123.3 और व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास में 106.7 अंक हासिल हुए।

विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक एवं शोध उत्कृष्टता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। वर्ष 2025 में 134.7 अंक के मुकाबले 2026 में यह स्कोर बढ़कर 143 अंक हो गया। इसी तरह करियर में तरक्की एवं प्लेसमेंट का स्कोर भी 100.8 से बढ़कर 114.8 अंक पहुंच गया। इससे शोध, अकादमिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के करियर अवसरों को लेकर विश्वविद्यालय की प्रगति का संकेत मिलता है।

सामूहिक प्रयास का परिणाम : कुलपति

विश्वविद्यालय की उपलब्धि पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि रैंकिंग में लगातार हो रहा सुधार शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति के मार्गदर्शन और प्रेरणा से विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल रैंकिंग में आगे बढ़ना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शोध अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करना है।

शोध संस्कृति को मजबूत करने पर जोर

निदेशक शोध प्रो. बीरपाल सिंह ने कहा कि रैंकिंग में सुधार विश्वविद्यालय की मजबूत होती शोध संस्कृति का संकेत है। शोध को केवल गुणवत्तापूर्ण प्रकाशनों तक सीमित न रखते हुए पेटेंट, नवाचार, शोध परियोजनाओं और समाजोपयोगी तकनीकी समाधानों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शोध की गुणवत्ता के साथ उसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 24वें स्थान से 15वें स्थान तक का सफर सीसीएसयू में लगातार किए जा रहे गुणवत्ता-आधारित प्रयासों का परिणाम है। शोध, अकादमिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और करियर अवसरों को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय रैंकिंग में निरंतर सुधार दर्ज हुआ है।

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