मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ₹13,041 करोड़ से रेलवे और सड़क नेटवर्क का होगा विस्तार
चार मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं के साथ बिहार में इंडो-नेपाल सीमा तक बनेगा 4-लेन हाईवे
नई दिल्ली, 19 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ₹13,041 करोड़ की लागत वाली पांच महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें चार रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं और बिहार में इंडो-नेपाल सीमा तक जाने वाला 4-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल है।
सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से रेल और सड़क परिवहन की क्षमता बढ़ेगी, माल ढुलाई आसान होगी तथा लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी। साथ ही औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
चार रेल परियोजनाओं पर खर्च होंगे करीब ₹9,450 करोड़
कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनकी कुल लंबाई करीब 410 किलोमीटर होगी और इन पर लगभग ₹9,450 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन: 173 किमी, लागत ₹3,352 करोड़।
- भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन: 75 किमी, लागत ₹1,583 करोड़।
- गुम्मिडीपुंडी-गुडूर तीसरी व चौथी लाइन: 90 किमी, लागत ₹2,229 करोड़।
- कटक-पारादीप तीसरी व चौथी लाइन: 72 किमी, लागत ₹2,286 करोड़।
इन रेल परियोजनाओं से व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही सुगम होने के साथ माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इन मार्गों से कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल और खाद्यान्न जैसे प्रमुख माल की आवाजाही होती है।
बिहार में ₹3,591 करोड़ का 4-लेन हाईवे
कैबिनेट ने बिहार में मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा (इंडो-नेपाल सीमा) मार्ग को 4-लेन में विकसित करने की मंजूरी दी है। करीब 83 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर ₹3,591 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत करीब 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा मुख्य पुल, सात बड़े पुल और तीन रेल ओवरब्रिज शामिल होंगे।
मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा तक सफर होगा आसान
नया 4-लेन हाईवे तैयार होने के बाद मुजफ्फरपुर से सोनबरसा के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। इससे उत्तर बिहार की नेपाल सीमा से कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, पर्यटन तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही पुनौरा धाम स्थित माता जानकी मंदिर तक पहुंच भी आसान होने की उम्मीद है।
पीएम गतिशक्ति के तहत होगा विकास
सरकार के अनुसार, रेलवे परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इनसे परिवहन क्षमता बढ़ाने के साथ लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार और माल ढुलाई को गति देने का लक्ष्य है।
रेल नेटवर्क के विस्तार से भीड़भाड़ कम होने, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।


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