10 साल पुराने दुष्कर्म केस में बड़ा फैसला: CCSU के पूर्व छात्र नेता समेत 5 आरोपी बरी, साक्ष्य के अभाव में मिली राहत

मेरठ। करीब 10 साल पुराने चर्चित दुष्कर्म मामले में मेरठ की अदालत ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के पूर्व छात्र नेता विनीत चपराना समेत पांच आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप साबित नहीं होने पर सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।

यह मामला वर्ष 2016 में दर्ज हुआ था और उस समय काफी चर्चा में रहा था। मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली। करीब एक दशक बाद अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया।

विनीत चपराना की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ओंकार सिंह भाटी ने अदालत में पक्ष रखा। अधिवक्ता के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष रखा गया। अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोप साबित नहीं होने पर सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

फैसले के बाद विनीत चपराना के समर्थकों ने इसे राहत देने वाला निर्णय बताया। समर्थकों की ओर से दावा किया गया कि विनीत को राजनीतिक कारणों से मामले में फंसाया गया था। हालांकि, अदालत के फैसले में इस राजनीतिक दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। न्यायालय का निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर रहा।

फैसले के बाद विनीत चपराना और उनके समर्थकों ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया और इसे न्यायपालिका में विश्वास की जीत बताया।

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