अमेरिका-सऊदी ने इराक में ईरान समर्थित PMF ठिकानों पर किए हवाई हमले

 8 लड़ाके मारे गए; जवाब में ईरान ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

तेहरान/वॉशिंगटन डीसी/तेल अवीव। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार, इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी।

वहीं, इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) ने दावा किया है कि अमेरिकी और सऊदी हमलों में उसके 8 लड़ाके मारे गए हैं, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

ईरान ने जवाब में दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

इराक में हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन मिसाइलों को जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर दागा गया था।

अमेरिकी सेना का दावा है कि सभी मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ गया है।

सऊदी अरब ने ड्रोन मार गिराने का किया दावा

सऊदी अरब ने भी दावा किया है कि उसने अपने पूर्वी प्रांत में स्थित तेल प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन को मार गिराया है। इन घटनाओं के बीच खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सऊदी अरब का पूर्वी क्षेत्र देश के प्रमुख तेल उत्पादन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे का केंद्र माना जाता है। ऐसे में इन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की किसी भी कोशिश का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकर रोकने का दावा

इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को रोकने का दावा किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर चिंता बनी हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या जहाजों की आवाजाही में बाधा अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती है।

हूतियों ने सऊदी तेल टैंकर पर मिसाइल हमले का दावा किया

दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का दावा किया है।

अगर इन घटनाओं की पुष्टि होती है, तो इराक, खाड़ी क्षेत्र, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर तक फैली सैन्य गतिविधियां पश्चिम एशिया में संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ा सकती हैं।

फिलहाल क्षेत्र में अमेरिका, ईरान, सऊदी अरब और उनके सहयोगी गुटों के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। इराक में हवाई हमले, ईरानी मिसाइल हमले, ड्रोन गतिविधियां और समुद्री मार्गों पर बढ़ता दबाव पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट को और गंभीर बना रहे हैं।

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