‘CM सुक्खू के पास है अलादीन का चिराग?’ राजेंद्र राणा का तंज, बोले- संपत्ति में इतनी बढ़ोतरी कैसे हुई, जनता को दें जवाब
ऊना। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की घोषित संपत्ति को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री की संपत्ति में कथित बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता को इसकी पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।
राजेंद्र राणा ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री के पास कोई ‘अलादीन का चिराग’ है, जिसकी मदद से उनकी संपत्ति में इतनी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई चिराग है तो मुख्यमंत्री को उसकी मदद से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद लोगों की भी सहायता करनी चाहिए।
‘सरकार जनता के टैक्स के पैसे का कर रही दुरुपयोग’
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार जनता से टैक्स के रूप में मिलने वाले पैसे का सही इस्तेमाल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान देने के बजाय सरकार फिजूलखर्ची और अनावश्यक परियोजनाओं पर अधिक खर्च कर रही है।
राणा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के कुछ करीबी लोग, जो पहले सामान्य खर्च चलाने तक की स्थिति में नहीं थे, आज करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक बन चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में प्रदेश की जनता के सामने तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
दिल्ली में नए हिमाचल निकेतन पर भी उठाए सवाल
राजेंद्र राणा ने दिल्ली में प्रस्तावित नए हिमाचल निकेतन के निर्माण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि जब दिल्ली में पहले से ही हिमाचल भवन और हिमाचल सदन मौजूद हैं, तो करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नए हिमाचल निकेतन के निर्माण की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और ऐसे समय में जनता के पैसे का इस्तेमाल अनावश्यक परियोजनाओं पर किया जा रहा है।
‘फिजूलखर्ची छोड़ जनता के लिए काम करे सरकार’
भाजपा नेता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस समय आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में सरकार को फिजूलखर्ची पर रोक लगाकर जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने सरकार से रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री से उनकी संपत्ति और सरकार के खर्चों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट जवाब देने को कहा।
हालांकि, राजेंद्र राणा के आरोपों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू या कांग्रेस सरकार की ओर से इस खबर के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


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